टिहरी को मेडिकल कॉलेज कब? 75 दिन से धरना, 91 दिन से जीतराम भट्ट का सत्याग्रह जारी
टिहरी को मेडिकल कॉलेज कब? 75 दिन से धरना, 91 दिन से जीतराम भट्ट का सत्याग्रह जारी

नई टिहरी। टिहरी जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले नई टिहरी में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज 75 वा दिन क्रमिक अनशन का 59 वॉ दिन जारी रहा। वहीं, मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे जीतराम भट्ट का सत्याग्रह 91वें दिन में प्रवेश कर गया है।
आज क्रमिक अनशन पर समाजसेवी कुशाल सिंह नेगी बैठे। धरना स्थल पर सत्याग्रह में त्रिलोक चंद्र रमोला, भरत सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश राणा, शीशपाल सिंह राणा (मुखमाल गांव), टीकम सिंह चौहान, कमल सिंह मेहर, भगवान चंद्र रमोला, भगवान सिंह रावत, अनुसूया प्रसाद नौटियाल, महावीर प्रसाद उनियाल एवं राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य लोगों ने सहभागिता की।
धरना स्थल पर नागरिक मंच के संरक्षक सी.पी. डबराल, श्रीमती भगवान देवी तोपवाल, छात्र नेता राहुल बुटोला, राज्य आंदोलनकारी देवेंद्र नौटियाल, लखबीर सिंह चौहान, कृष्णा के.सी., प्रवीण पांडे, डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, भगवान चंद्र रमोला, डॉ. उमेद सिंह नेगी, व्यापारी नेता करम सिंह, किशोरी लाल चमोली गंगा भगत सिंह नेगी, कुंवर सिंह सजवान हेरवाल गांव से धनपाल रावत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं आंदोलनकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश राणा तथा नागरिक मंच के संरक्षक सी.पी. डबराल ने कहा कि गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में प्रदेश सरकार द्वारा अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति अथवा टोकन मनी का प्रावधान तक नहीं किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और टिहरी की जनता के साथ निराशाजनक व्यवहार है।
उन्होंने कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा केवल एक भवन के निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे जनपद के भविष्य, स्वास्थ्य सुविधाओं, युवाओं के रोजगार और पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है। इसके बावजूद सरकार इस गंभीर मांग को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय पर जनता को गुमराह करने और मेडिकल कॉलेज के नाम पर भ्रम की स्थिति बनाए रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा सत्र जनहित के मुद्दों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण अवसर था। विधायक को सदन में सरकार से प्रभावी संवाद कर टिहरी मेडिकल कॉलेज के लिए वित्तीय स्वीकृति सुनिश्चित करवाने तथा कम से कम टोकन मनी का प्रावधान करवाने का प्रयास करना चाहिए था।
विधायक जनता को गुमराह करना बंद करें, सरकार से मिलकर निकालें सकारात्मक समाधान जीतराम भट्ट
91वें दिन भी अपने सत्याग्रह पर डटे जीतराम भट्ट ने कहा कि टिहरी के स्थानीय विधायक को जनता को गुमराह करना बंद करना चाहिए। उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण विषय का तत्काल सकारात्मक समाधान निकालने की पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधायक पिछले पांच वर्षों से जिस भूमि को मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त बता रहे हैं, सबसे पहले उस भूमि को विधिवत मेडिकल कॉलेज के नाम हस्तांतरित करवाया जाना चाहिए, ताकि निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू हो सके।
जीतराम भट्ट ने जिला चिकित्सालय बौराड़ी को लेकर भी विधायक से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि विधायक को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिला चिकित्सालय बौराड़ी को मेडिकल कॉलेज के साथ किस स्वरूप में विकसित किया जाएगा और क्या इसे मेडिकल कॉलेज का बेस अस्पताल बनाया जाएगा?
उन्होंने आगे कहा कि विधायक निधि में यदि धनराशि शेष है तो उसमें से कम से कम दो करोड़ रुपये जिला चिकित्सालय बौराड़ी की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए खर्च किए जाने चाहिए, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
आंदोलनकारि देवेंद्र नौटियाल, लखबीर सिंह चौहान,गंगा भगत सिंह नेगी,राहुल बुटोला ने एक स्वर में कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग अब किसी एक व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल की मांग नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे जनपद की जनभावना और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल बन चुकी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर तत्काल ठोस निर्णय लिया जाए, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाए तथा बजट में आवश्यक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर लिखित एवं ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना और सत्याग्रह निरंतर जारी रहेगा।



