टिहरी : ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जन संवाद, सड़क और पेयजल के मुद्दे छाए
टिहरी : ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जन संवाद, सड़क और पेयजल के मुद्दे छाए

नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम चाह गडोलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनाई ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान ग्रामीणों ने रेंगली-सैण-अखोड़ीसैण मोटर मार्ग निर्माण, गडोलिया सड़क के दबान का मुआवजा, टिपरी-चाह मोटर मार्ग के डामरीकरण और पेयजल बिलों की विसंगतियां दूर करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
ग्राम प्रधान विनोद सिंह गुसाईं की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बताया कि रेंगली-सैण-अखोड़ीसैण मोटर मार्ग की मांग लंबे समय से की जा रही है। सड़क निर्माण के लिए जमीन संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र भी संबंधित विभाग को दिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क न होने के कारण क्षेत्रवासियों को कोश्यार तहसील जाने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
223 रुपये के पेयजल बिल पर उठे सवाल
जन संवाद में पेयजल बिलों की विसंगतियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीण नारायण सिंह रावत ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत एक रुपये में पेयजल कनेक्शन दिया गया था, लेकिन अब 223 रुपये प्रतिमाह का बिल भेजा जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं में करीब 50 रुपये का बिल लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना था कि कई लोग रोजगार या अन्य कारणों से छह माह अथवा एक वर्ष तक गांव में नहीं रहते, इसके बावजूद उन्हें पूरे साल का पेयजल बिल चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने बिल व्यवस्था में व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की।
दो साल से नहीं मिला सड़क की जमीन का मुआवजा
ग्रामीण बलवीर सिंह गुसाईं ने बताया कि गडोलिया सड़क के निर्माण में जिन लोगों की भूमि दबान में आई है, उन्हें करीब दो साल से मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। ग्रामीणों को मुआवजे के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
इसके अलावा ग्रामीणों ने टिपरी-चाह मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग भी रखी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनाई ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उचित पैरवी की जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में चुने गए जनप्रतिनिधियों ने इन समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। धनाई ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रभावी पैरवी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गांवों के विकास से जुड़े प्रस्तावों को शासन स्तर पर भेजा जा रहा है और उनके शीघ्र निस्तारण के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उप प्रधान नरेश सिंह कुमाईं सहित सत्ये सिंह गुसाईं, प्रताप सिंह राणा, कैलाश राणा, भगतराम नौटियाल, ललिता प्रसाद, मुंशी सिंह गुसाईं, मुरारी लाल, चंदन सिंह, मनोज राणा, गुरु प्रसाद, गबर सिंह, धुरी लाल, कमला देवी, मथुरा देवी, सीता देवी, ऐला देवी, गीता देवी, लक्ष्मी देवी, प्यारचंद, लक्ष्मी देवी गुसाईं, ज्योति प्रसाद चमोली समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



