टिहरी : चंबा में खंडस्तरीय संस्कृत स्पर्धा का भव्य आयोजन, छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
टिहरी : चंबा में खंडस्तरीय संस्कृत स्पर्धा का भव्य आयोजन, छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

चंबा। उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम्, हरिद्वार के तत्वावधान में विकासखंड चंबा में खंडस्तरीय संस्कृत स्पर्धा 2026-27 के वरिष्ठ वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर संस्कृत भाषा, संस्कृति और साहित्य के प्रति अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के संस्कृत नाटक वर्ग में राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी ने प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज गजा ने द्वितीय तथा हिमालय पब्लिक स्कूल सनगांव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत समूहगान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चंबा प्रथम, अटल उत्कृष्ट श्रीदेव सुमन राजकीय इंटर कॉलेज चंबा द्वितीय और सेंट एंथनी पब्लिक स्कूल नई टिहरी तृतीय रहा।
इसी प्रकार संस्कृत समूहनृत्य में नरेंद्र महिला विद्यालय भागीरथीपुरम ने प्रथम, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चंबा ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज बागी मठियाण गांव की आकृति प्रथम रहीं। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा की स्नेहा ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी की रिषिका रमोला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
संस्कृत आशुभाषण में राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी की वंशिका रावत ने प्रथम स्थान हासिल किया। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा की सुहानी द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज पांगरखाल के अक्षत उनियाल तृतीय रहे।
वहीं श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में नरेंद्र महिला विद्यालय भागीरथीपुरम की मानसी प्रथम, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चंबा की अलका रावत द्वितीय तथा राजकीय संस्कृत महाविद्यालय चंबा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हर्षमणि बहुगुणा, प्रवक्ता विनीता बहुगुणा, गुरुप्रसाद रयाल, अनूप कुमार भट्ट, विजय चंद्र बहुगुणा, संदीप भट्ट, रजनी बनियाल, तेजोमही बधानी, हार्दिक थपलियाल, तुलसी प्रसाद, रघुवीर सिंह नेगी, जगमोहन सिंह नेगी, सौरभ उनियाल एवं गीतमणि सिलस्वाल समेत अनेक शिक्षक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ने के साथ ही नैतिक एवं सांस्कृतिक चेतना का भी विकास होता है।



