12 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनिस्टीरियल कर्मियों का कलेक्ट्रेट में धरना, सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग
12 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनिस्टीरियल कर्मियों का कलेक्ट्रेट में धरना, सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग

नई टिहरी। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन, उत्तराखण्ड की टिहरी शाखा से जुड़े मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए शासन स्तर से समाधान किए जाने की मांग उठाई।
धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि मिनिस्टीरियल संवर्ग से जुड़ी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कनिष्ठ सहायक को वेतन लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) अनुमन्य करने की मांग की। साथ ही प्रधान सहायक एवं प्रशासनिक अधिकारी के पदों को समाहित कर पदनाम प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पदों को समाहित कर पदनाम मुख्य प्रशासनिक अधिकारी करने तथा लेवल-11 में उप निदेशक (प्रशासन) का एक अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग रखी।
संगठन ने जिन विभागों में पदोन्नतियां नहीं हो रही हैं, वहां पदोन्नत एसीपी की व्यवस्था लागू करने तथा पदोन्नति में लागू नियमावली को समाप्त कर पूर्ववर्ती शासनादेश लागू करने की मांग की। जिन विभागों में मिनिस्टीरियल पदों का पुनर्गठन नहीं हुआ है, वहां शीघ्र पुनर्गठन कराने की मांग भी उठाई गई।
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए राज्य सरकार से केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से मांग रखने की बात कही। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड से संबंधित समस्याओं को दूर करने, स्थानांतरण अधिनियम में आ रही कठिनाइयों के समाधान के लिए बैठक बुलाने और समूह ‘ग’ के कार्मिकों को गृह तहसील में भी तैनाती की सुविधा दिए जाने की मांग की गई।
संगठन ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह ‘ख’) के कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्धारण के लिए संशोधित शासनादेश जारी करने और मिनिस्टीरियल कार्मिकों के लिए कॉमन सेवा नियमावली प्रख्यापित करने की मांग भी रखी।
इसके अलावा पदोन्नति में संक्रमण काल समाप्त करने तथा मिनिस्टीरियल संवर्ग के स्वीकृत पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति नहीं करने और इस संबंध में स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की।



