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बड़ी खबर : उदय रावत का कांग्रेस पर हमला, बोले- पहले अपने शासनकाल के भूमि घोटालों का हिसाब दे, फिर निकाले जमीन बचाओ यात्रा

बड़ी खबर : उदय रावत का कांग्रेस पर हमला, बोले- पहले अपने शासनकाल के भूमि घोटालों का हिसाब दे, फिर निकाले जमीन बचाओ यात्रा

नई टिहरी। भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कांग्रेस की धामी हटाओ, जमीन बचाओ यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड की जमीन और मूल निवासियों के अधिकारों की चिंता करने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने नारायण दत्त तिवारी और हरीश रावत सरकारों के कार्यकाल में सामने आए भूमि आवंटन विवादों तथा भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

पत्रकार वार्ता में उदय रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने प्रदेश की जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए सख्त भू कानून लागू किया है। इससे जमीनों की अनियंत्रित खरीद-फरोख्त पर अंकुश लगाने, कृषि भूमि के संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि धामी सरकार की इस पहल से कांग्रेस बौखला गई है और राजनीतिक स्वार्थ के लिए जमीन बचाओ यात्रा निकालकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने पूर्ववर्ती शासनकाल में हुए भूमि संबंधी विवादों पर भी जवाब देना चाहिए। नारायण दत्त तिवारी सरकार के कार्यकाल में देहरादून के आईएमए के निकट शैक्षणिक संस्था के लिए भूमि आवंटन का मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। करीब 20 एकड़ जमीन से जुड़ा यह मामला फरवरी 2026 में फिर चर्चा में आया, जब जमीन के छोटे-छोटे भूखंडों में बेचे जाने और सैन्य संस्थान की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठे। इस मामले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के भूमि आवंटन और उसके उद्देश्य को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

उदय रावत ने हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में सामने आए एनएच-74 भूमि अधिग्रहण प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से 2016 के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि दर्शाकर मुआवजा बढ़ाने की कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया था। वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस प्रकरण में लगभग 240 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का दावा करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस प्रकरण में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और मुआवजे को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

उन्होंने कहा कि एनडी तिवारी सरकार के समय पंतनगर, सितारगंज और हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों को कम कीमत पर भूमि आवंटित किए जाने के आरोप भी उठे थे। उस समय सामाजिक संगठनों ने औद्योगिक भूमि आवंटन की समीक्षा और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। कांग्रेस को इन मामलों पर भी प्रदेश की जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस आज जमीन बचाने की बात कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भू कानून को मजबूत कर प्रदेश की जमीनों को सुरक्षित रखने की दिशा में ठोस पहल की है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड की भूमि, संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता समझ रही है कि कौन जमीन संरक्षण के लिए काम कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक यात्रा के माध्यम से माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।

उदय रावत ने कहा कि कांग्रेस को धामी हटाओ, जमीन बचाओ यात्रा निकालने से पहले अपने शासनकाल के भूमि आवंटन और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों का जवाब देना चाहिए। भाजपा सरकार उत्तराखंड की अस्मिता, भूमि और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार के सख्त भू कानून से प्रदेश के हित सुरक्षित होंगे और कांग्रेस की राजनीतिक बयानबाजी से सरकार के जनहितकारी प्रयास कमजोर नहीं होंगे।इस मौके पर मंडल अध्यक्ष विजय कठैत, जिला मीडिया प्रभारी राजेन्द्र डोभाल,महामंत्री शांति प्रसाद खंडूड़ी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मनीष राणा आदि उपस्थित थे।

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