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टिहरी में सियासी संग्राम का आगाज, 17 अप्रैल को नेगी की ‘जन आक्रोश रैली’ का ऐलान

टिहरी में सियासी संग्राम का आगाज, 17 अप्रैल को नेगी की ‘जन आक्रोश रैली’ का ऐलान

नई टिहरी। प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी और वर्षों से लंबित जनसमस्याओं को लेकर अब सियासी पारा चढ़ने लगा है। क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह नेगी ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि 17 अप्रैल को जिला मुख्यालय टिहरी में ‘जन आक्रोश रैली’ निकाली जाएगी। यह रैली पारंपरिक ढोल-दमाऊ के साथ सरकार को जगाने के उद्देश्य से आयोजित होगी।

उन्होंने कहा कि इस रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता शामिल होगी। साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता भी आंदोलन में मौजूद रहेंगे।

 सरकार पर उपेक्षा का आरोप, जनता परेशान

विधायक नेगी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रतापनगर क्षेत्र की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं हो पाया है। इससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।

 ये हैं प्रमुख मांगें

प्रेस वार्ता में विधायक नेगी ने क्षेत्र की अहम मांगों को सामने रखा, जिनमें शामिल हैं—

डोबरा-चांठी पुल से मोटना तक 8 किमी सड़क का हॉट मिक्स डामरीकरण

फेकवाल एवं गंगाडी समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करना

सेम नागराज मंदिर मार्ग पर कैनोपी और सुदृढ़ीकरण

टिहरी झील रिंग रोड के साथ ग्रामीण बाजारों का निर्माण

LPG गैस आपूर्ति बहाल करना

लंबित सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करना

टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति

सस्ते गल्ले की दुकानों में राशन आपूर्ति सुनिश्चित करना

अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच पर स्थिति स्पष्ट करना

जल जीवन मिशन में संभावित घोटाले की निष्पक्ष जांच

जंगली जानवरों से सुरक्षा और पीड़ितों को ₹10 लाख मुआवजा

खैट पर्वत और पीढ़ी वन क्षेत्र को पर्यटन हब बनाना

प्रतापनगर को मसूरी की तर्ज पर पर्यटन स्थल विकसित करना

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय को वित्तीय स्वीकृति

टिपरी-मदननेगी रोपवे का पुनः संचालन

रिंग रोड प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा

आंदोलन और होगा तेज—नेगी

विधायक नेगी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने जनता से 17 अप्रैल के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

 राजनीति में बढ़ेगी गर्मी

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भागीदारी से यह साफ है कि यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी गरमाने वाला है। आने वाले दिनों में टिहरी की राजनीति में हलचल तेज होने की पूरी संभावना है।

 अब सभी की नजरें 17 अप्रैल पर टिकी हैं, जब प्रतापनगर की जनता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरेगी।

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