टिहरी रामलीला में सीता हरण से बाली वध तक भावुक और रोमांचक प्रस्तुति
टिहरी रामलीला में सीता हरण से बाली वध तक भावुक और रोमांचक प्रस्तुति

नई टिहरी। टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला के सप्तम दिवस पर मंचन का शुभारंभ सीता हरण प्रसंग से हुआ, जो जटायु वध, हनुमान-श्रीराम मिलन और बाली वध तक चला। कलाकारों के जीवंत एवं प्रभावशाली अभिनय ने देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा।
विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला जब सीता हरण के दौरान जटायु और रावण के बीच युद्ध का दृश्य हवा में मंचित किया गया। इस रोमांचक प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं रावण की दमदार भूमिका के साथ भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान, बाली और सुग्रीव के पात्रों को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरबीर सिंह सजवाण तथा कांग्रेस प्रवक्ता एवं श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून के अध्यक्ष अभिनव थापर मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अभिनव थापर ने कहा कि वर्ष 2023 में शुरू हुई इस रामलीला ने मात्र तीन वर्षों में देश की प्रमुख पांच रामलीलाओं में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इस रामलीला को रिकॉर्ड 85 लाख लोगों ने देखा, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने देशभर के राम भक्तों और जनता का आभार व्यक्त किया।
वहीं शूरबीर सिंह सजवाण ने कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि टिहरी की रामलीला देश की सर्वश्रेष्ठ रामलीलाओं में से एक बन चुकी है। उन्होंने युवाओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान भी किया।
विशिष्ट अतिथियों में अंबिका सजवाण, संदीप शर्मा, भगवान सिंह रावत, अमोद नौटियाल, सुरेंद्र राणा, हरी कृष्ण लांबा, राकेश राणा, आशा रावत, नरेंद्र रमोला, कुलदीप पंवार, रेणु पंवार, राजेंद्र डोभाल, मायाराम थपलियाल, संजीव भट्ट, उमा दत्त डंगवाल, अनिता रावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल एवं अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, महासचिव अमित पंत, निर्देशक अनुराग पंत सहित समिति के अनेक सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।



