टिहरी झील में सी-प्लेन की पहली उड़ान, गुपचुप ट्रायल ने मचाई हलचल
जौलीग्रांट से उड़ान भरकर कोटी कॉलोनी में सुरक्षित लैंडिंग, अगले दो दिन और होंगे परीक्षण

नई टिहरी: उत्तराखंड में पर्यटन को नई दिशा देने वाली सी-प्लेन परियोजना ने अब टिहरी झील में भी दस्तक दे दी है। मंगलवार को टिहरी बांध की विशाल झील में सी-प्लेन का ट्रायल बेहद गोपनीय तरीके से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
जानकारी के अनुसार, सी-प्लेन ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरी और शाम करीब साढ़े पांच बजे टिहरी झील के कोटी कॉलोनी क्षेत्र में सफल लैंडिंग की। यह टिहरी झील में सी-प्लेन की पहली लैंडिंग और टेकऑफ का परीक्षण माना जा रहा है।
सुबह से ही ट्रायल की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन विमान के आगमन का समय कई बार बदला गया। पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखते हुए सीमित तकनीकी टीम की मौजूदगी में परीक्षण किया गया।
इससे पहले चीला बैराज क्षेत्र में भी सी-प्लेन का सफल ट्रायल हो चुका है। अब टिहरी में सफलता मिलने के बाद परियोजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि स्काई हाफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से यह प्रारंभिक परीक्षण किया गया है। कंपनी की योजना के तहत बुधवार और गुरुवार को भी टिहरी झील में इसी तरह के ट्रायल जारी रहेंगे, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा ने पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल यह पूरा चरण परीक्षण के अंतर्गत है। यदि आगामी ट्रायल भी सफल रहते हैं, तो उत्तराखंड में सी-प्लेन सेवा को नियमित रूप से शुरू करने की दिशा में काम तेज किया जाएगा।
क्या बदलेगा टिहरी में?
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
टिहरी झील बनेगी एडवेंचर और एयर टूरिज्म हब
देहरादून-टिहरी के बीच यात्रा होगी आसान और तेज
ऋषिकेश के बाद टिहरी झील में सी-प्लेन का सफल ट्रायल उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ा संकेत है। यदि यह परियोजना पूरी तरह लागू होती है, तो टिहरी देश के प्रमुख वॉटर एयरो टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है।


