संयुक्त ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने 8 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
संयुक्त ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने 8 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

नई टिहरी, 10 अगस्त 2026। देशभर में संयुक्त ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों के आह्वान पर सोमवार को नई टिहरी में भी मजदूर-किसान संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रैली और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम 8 सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मजदूरों, किसानों, योजना कर्मियों और ग्रामीण आबादी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने चार श्रम संहिताओं को रद्द करने तथा सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग उठाई। साथ ही आठ घंटे का कार्यदिवस और ओवरटाइम का दोगुना भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
किसान संगठनों ने सभी फसलों के लिए MSP को C-2+50 प्रतिशत के आधार पर तय करने और इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग की। इसके अलावा उर्वरकों की किल्लत दूर करने और सब्सिडी बढ़ाने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में भारत-अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौता नहीं करने तथा सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग की गई। वहीं, मनरेगा को बहाल करते हुए साल में 200 दिन काम और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
संगठनों ने आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, भोजनमाता, ग्राम प्रहरी, पेयजल विभाग के पार्ट टाइम कर्मचारियों सहित विभिन्न योजना एवं संविदा कर्मियों को भी 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग की।
इसके साथ ही बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन कानून-2013 के तहत भूमि अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई।
जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों पर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों ने उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे गुलदार, भालू सहित जंगली जानवरों के हमलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों का जीवन असुरक्षित होने के साथ ही खेती भी लगातार अलाभकारी होती जा रही है। संगठनों ने फसलों, पशुधन और मानव जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा वन्यजीवों से होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की मांग की।
ज्ञापन पर किसान सभा टिहरी के जिला अध्यक्ष जबर सिंह नेगी, जिला सचिव कृपाल सिंह कठैत, सीआईटीयू टिहरी के जिला अध्यक्ष विशाल सिंह राणा, जिला सचिव चिंतामणी थपलियाल, उत्तराखंड किसान सभा के प्रांतीय संयुक्त सचिव भगवान सिंह राणा, विद्युत विभाग संविदा यूनियन (एटक) के जिला सचिव राजेश चमोली, ग्राम प्रहरी यूनियन (सीटू) के रमेश लाल तथा आशा यूनियन (सीटू) की जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नेगी सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।



