शादी हो या जन्मदिन… अब गुनोगी में नहीं चलेगा शराब का दौर! ग्रामीणों ने लिया बड़ा फैसला
शादी हो या जन्मदिन… अब गुनोगी में नहीं चलेगा शराब का दौर! ग्रामीणों ने लिया बड़ा फैसला

टिहरी। ग्राम पंचायत गुनोगी, विकासखंड चंबा में ग्रामीणों ने सामाजिक कुरीतियों और नशे के खिलाफ महत्वपूर्ण पहल करते हुए गांव को शराबमुक्त एवं संस्कारित बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्राम प्रधान सरोजनी देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में शादी-विवाह, जन्मदिन, मुंडन, गृह प्रवेश सहित अन्य सामाजिक समारोहों में शराब नहीं परोसी जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे के सेवन को पूर्णतः प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया। गांव में शराब पीकर शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ भी सामाजिक स्तर पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव में शराब की बिक्री अथवा नशे से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सूचना दी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सभी परिवारों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
ग्राम प्रधान सरोजनी देवी ने कहा, “गांव का विकास केवल सड़क, पानी और बिजली से नहीं होता, बल्कि स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि गुनोगी गांव नशामुक्ति और सामाजिक एकता का उदाहरण बने।
‘शराब नहीं, संस्कार’ मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने गुनोगी के ग्रामीणों की पहल का स्वागत करते हुए कहा, “यह केवल शराब बंद करने का निर्णय नहीं है, बल्कि हमारी सामाजिक सोच में परिवर्तन का संकल्प है। जब गांव स्वयं आगे आकर यह तय करता है कि शादी और सामाजिक समारोह शराब के बिना होंगे, तो यह बदलाव की मजबूत शुरुआत होती है। ‘नशामुक्त समाज, संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र’ के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाना ही हमारी मुहिम का उद्देश्य है।”
उन्होंने कहा कि गुनोगी जैसे गांवों की पहल दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और सामाजिक भागीदारी से ही स्थायी नशामुक्ति संभव है।
ग्राम समाज सुधार समिति के अध्यक्ष राधा कृष्ण कोठारी ने कहा “समिति गांव में सामाजिक सुधार, नशामुक्ति और आपसी सहयोग के लिए निरंतर कार्य करेगी। हमारा प्रयास रहेगा कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव केवल कागज तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक परिवार तक पहुंचें और व्यवहार में दिखाई दें।”
क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशील ने कहा, “गुनोगी के ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह निर्णय सराहनीय है। नशे के खिलाफ जनभागीदारी सबसे प्रभावी माध्यम है। पंचायत स्तर पर ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।”
महिला मंगल दल अध्यक्ष पूनम ने कहा की नशे का सबसे अधिक प्रभाव परिवार और महिलाओं पर पड़ता है। इसलिए महिलाएं इस अभियान में पूरी मजबूती के साथ भाग लेंगी। हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखकर संस्कार और स्वस्थ वातावरण दिया जाए।” इस अवसर पर
ग्राम समाज सुधार समिति का गठन भी किया गया। जिसमें राधाकृष्ण कोठारी को अध्यक्ष बबली देवी उपाध्यक्ष, बालकराम सचिव, सुमनलता देवी सह-सचिव, भगवती प्रसाद कोषाध्यक्ष, पूजा कोठारी , दिलमणी कंचन, अंजली प्रेमदत्त थपलियाल बबीता देवी प्रमोद कोठारी को सदस्य चुना गया । इस अवसर पर शराब नही संस्कार मुहिम के लक्ष्मी बहुगुणा व जगदीश बडोनी के द्वारा ग्रामीणों को नशा मुक्त हेतू शपथ दिलाई गई। ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य को समिति का संरक्षक चुना गया।



