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टिहरी : अपनी परंपरा और संस्कृति का संरक्षण जरूरी, पांडव लीला में बोलीं सोना सजवाण

टिहरी : अपनी परंपरा और संस्कृति का संरक्षण जरूरी, पांडव लीला में बोलीं सोना सजवाण

लंबगांव। प्रतापनगर ब्लाक की रौणद रमोली पट्टी के ग्राम पंचायत भैंतला के भैरव देवता मंदिर प्रांगण में चल रही पांडव लीला के छठे दिन द्रौपदी विवाह का शानदार मंचन हुआ। गाजे-बाजे और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ बारात निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की। पूर्व प्रधानाचार्य ध्यान सिंह रावत के घर बारात पहुंचने पर ग्रामीणों ने रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। परंपराओं के अनुसार अर्जुन और द्रोपदी का विवाह संपन्न कराया गया। पांडव लीला में विवाह प्रसंग के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। जड़ीबूटी सलाहकार समिति की उपाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, पूर्व विधायक विजय सिंह पंवार, गोविंद रावत, रघुवीर सजवाण, ममता पंवार आदि ने पांडव लीला में शामिल होकर आशीर्वाद लिया। राज्यमंत्री सोना सजवाण ने कहा कि महाभारत युग के प्रसंगों को स्थानीय कलाकारों ने जिस तरह से मंच पर उतारा है, वह प्रशंसनीय है। कहा कि हमें अपनी संस्कृति का संरक्षण करना होगा। कहा कि पांडव लीला पौराणिक संस्कृति की अनूठी परंपरा है। उत्तराखंड के लोगों ने इसे जीवंत स्वरूप देकर आज भी संजोकर रखा है। इस मौके पर पांडव लीला समिति के अध्यक्ष सुभाष रावत, भगवान सिंह रावत, शूरवीर भंडारी, भैरव देवता के उपासक मेघ सिंह रावत, ग्राम प्रधान संजू देवी, सुरेंद्र सिंह रावत मौजूद थे

 

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