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टिहरी में वन भूमि हस्तांतरण को लेकर बड़ा अपडेट, DM ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

टिहरी में वन भूमि हस्तांतरण को लेकर बड़ा अपडेट, DM ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश

वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा हेतु आज जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मोटर मार्गों के नवनिर्माण कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण एवं क्षतिपूरक वृक्षारोपण से संबंधित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में विधानसभा क्षेत्र टिहरी के अंतर्गत नैर से पुजाल्डी तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य हेतु क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए 3.4296 हेक्टेयर वन भूमि के सापेक्ष सिविल भूमि वन विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने की कार्रवाई की जानकारी दी गई। इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी धनौल्टी अंशुल को निर्देश दिए कि तहसील स्तर से संबंधित भूमि का प्रस्ताव तैयार कराते हुए ग्राम घन्सी, तहसील नैनबाग से संबंधित मूल खसरा, खतौनी एवं नक्शा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

इसी प्रकार विधानसभा क्षेत्र धनौल्टी के अंतर्गत एनजीए रोड के कुखड़सारी से नकोट-चक्र, भद्रीसेरा मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण प्रकरण में भी जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी धनौल्टी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में धनौल्टी क्षेत्र के अंतर्गत ज्वारना कांस्युड मोटर मार्ग, प्रतापनगर में रैंका-महरगांव से सदडगांव-मुखेम मोटर मार्ग, कड़ियालगांव से पठोई मोटर मार्ग तथा धनौल्टी में मसोन-कांडी-द्वारगढ़ पर जयद्वार-सुरांशु तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्यों से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 15 सितम्बर तक सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश

बैठक में माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के आदेश के अनुपालन में उत्तराखण्ड राज्य में राजस्व विभाग के कब्जे में ऐसी आरक्षित वन भूमि, जो किसी निजी व्यक्ति/संस्था को गैर-वाणिज्यिक कार्यों के लिए आवंटित की गई है, के संबंध में निर्धारित प्रारूप में सूचना उपलब्ध कराने की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी प्रभागीय वनाधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र के सभी संबंधित अभिलेखों की जांच कर 15 सितम्बर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा संबंधित अभिलेखों का समुचित सत्यापन करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने प्रत्येक उपखण्ड स्तर पर समिति गठित करने के भी निर्देश दिए, ताकि संबंधित प्रकरणों की जांच एवं सूचना संकलन का कार्य समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा सके।

बैठक में उपजिलाधिकारी धनौल्टी आईएएस अंशुल, डीएफओ हिमांशु बागडी, एडीएम शैलेन्द्र नेगी, उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता, उपजिलाधिकारी घनसाली मंजू राजपूत सहित संबंधित उपस्थित रहे। वहीं वर्चुअल माध्यम से एसडीओ मसूरी दिनेश नौटियाल, किशोर नौटियाल, नायब तहसीलदार प्राची सहित अन्य संबंधित बैठक से जुड़े।

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