टिहरी : पहाड़ की जमीन बिकी तो स्थानीय होंगे बेघर, पैतृक भूमि बचाओ आंदोलन को सातवें दिन मिला व्यापक जनसमर्थन
टिहरी : पहाड़ की जमीन बिकी तो स्थानीय होंगे बेघर, पैतृक भूमि बचाओ आंदोलन को सातवें दिन मिला व्यापक जनसमर्थन

टिहरी । पैतृक भूमि बचाओ संगठन द्वारा चलाए जा रहे धरने के सातवें दिन आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला। धरना स्थल पर प्रतापनगर के पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह रावत सहित कई पूर्व जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे तथा आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह रावत ने कहा कि यदि पहाड़ों की पैतृक जमीनें इसी तरह बिकती रहीं तो आने वाले समय में स्थानीय लोगों का अपने ही क्षेत्र में अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के बड़े-बड़े रिसॉर्ट बनने से स्थानीय लोग अपने ही गांवों में मजदूरी और बर्तन धोने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने पहाड़ की जमीनों के संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की।
पूर्व कनिष्ठ प्रमुख कुलदीप सिंह पवार ने बताया कि 29 जून को प्रस्तावित कार्यक्रम को स्वर्गीय दीपक के निधन के कारण स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम 30 जून को आयोजित किया जाएगा, जिसमें देवताओं के आह्वान के साथ हवन-पूजन किया जाएगा।
धरना स्थल पर पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधान खुशी लाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सीमा कृशाली, महिला कांग्रेस अध्यक्ष आशा रावत, चंबा के सभासद शक्ति प्रसाद जोशी, शहर कांग्रेस के महासचिव मनीष पंत सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया।
इस दौरान समिति के संरक्षक कुलदीप सिंह पवार, अतर सिंह तोमर, समिति अध्यक्ष नत्थी सिंह केतूरा, आनंद सिंह रावत, खुशी लाल, शक्ति प्रसाद जोशी, सीमा कृशाली, आशा रावत, शीशपाल राणा, युद्धवीर रावत, विजयपाल, रॉबिन राणा, अभिषेक कठैत, नरेंद्र नेगी सहित बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर मौजूद रहे।



