टिहरी : स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की कवायद, विकास भवन में बड़ी समीक्षा बैठक
टिहरी : स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की कवायद, विकास भवन में बड़ी समीक्षा बैठक

विकास भवन सभागार में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, सीडीओ ने दिए आवश्यक निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर मंथन, सुधार पर विशेष जोर
विकास भवन सभागार में प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनपद के समस्त विकासखण्डों की स्वास्थ्य सेवाओं, योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में सीडीओ ने निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries) को बढ़ावा देने हेतु जनजागरूकता बढ़ाई जाए तथा पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) से संबंधित मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं को नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक माह एमपीआर (MPR) में सभी विवरण समयबद्ध एवं सही ढंग से प्रेषित करने को कहा। उन्होंने पिछले माह की तुलना में बेहतर प्रगति कार्यों पर विभाग की सराहना की तथा निर्देश दिए कि आमजन में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास को और मजबूत किया जाए। कहा कि विशेष रूप से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों को चिन्हित कर उनका नियमित एवं प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्साधिकारी, टिहरी गढ़वाल डॉ. श्याम विजय ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि होम डिलीवरी को शून्य करने के उद्देश्य से फील्ड विजिट, संस्थागत प्रसव हेतु एक्शन प्लान, तथा लोगों को “Zero Home Delivery” के लिए प्रेरित करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही विभाग की विभिन्न सफलता की कहानियों से भी अवगत कराया गया।
बैठक में जनपद के होम डिलीवरी प्रभावित क्षेत्रों में आयोजित हेल्थ कैंप, विकासखण्डवार पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूशंस की स्थिति, पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत लिंगानुपात में सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से फकोट, प्रतापनगर एवं देवप्रयाग में लिंगानुपात सुधार के लिए चलाए जा रहे कैंपों, मातृ स्वास्थ्य ट्रैकिंग शीट एवं जनपद की डिलीवरी स्थिति पर चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त बैठक में प्रत्येक विकासखण्ड द्वारा अद्यतन आंकड़े, उपलब्धियां, प्रगति रिपोर्ट, मातृ मृत्यु दर में कमी लाने हेतु माइक्रोप्लान एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, ओपीडी/आईपीडी एवं रेफरल से संबंधित आंकड़े, जनपद में संचालित 108 एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति तथा मोतियाबिंद मुक्त ग्राम पंचायतों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित चिकित्सकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों एवं सफल मामलों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर जिला अस्पताल बोरडी सीएमएस अमित राय, पीएचसी नरेंद्रनगर सीएमएस डॉ सुनीता, डॉ. ऋषभ आदि उपस्थित रहे।


