टिहरी: राज्य आंदोलनकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की मांगों पर डीएम गंभीर, समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश
टिहरी: राज्य आंदोलनकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की मांगों पर डीएम गंभीर, समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश

राज्य आंदोलनकारियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक आयोजित
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य आंदोलनकारियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विभिन्न समस्याओं एवं उनसे संबंधित विषयों के निराकरण के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच एवं स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों एवं सुझावों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा अवगत कराया गया कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की स्मृति से संबंधित निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हो पाया है। इसके अतिरिक्त टिहरी जनपद के शहीद राज्य आंदोलनकारियों के चित्रों का निर्माण, राज्य आंदोलन से जुड़ी समस्त जानकारी हेतु स्मारक पट्ट की स्थापना तथा विद्युत एवं पेयजल कनेक्शन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं अभी लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाना आवश्यक है।
बैठक में स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण समिति द्वारा जनपद मुख्यालय नई टिहरी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान राज्य एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाना आवश्यक है। सुमन पार्क से संबंधित विषय पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बैठक के उपरांत दोनों पक्ष संयुक्त रूप से सुमन पार्क का स्थलीय निरीक्षण करें तथा आपसी सहमति से एक व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर जिला प्रशासन के साथ साझा करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए पार्क के विकास एवं संरक्षण के लिए आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के पूर्व अध्यक्ष ज्योति प्रसाद भट्ट, महासचिव किशन सिंह रावत, डॉ. राजेंद्र भूषण गोदियाल, अध्यक्ष सुंदरलाल उनियाल, देवेंद्र नौडियाल, उपाध्यक्ष उत्तम सिंह चौहान, सचिव जगजीत सिंह नेगी, सदस्य विक्रम सिंह नेगी, विजेंद्र सिंह राणा, मोहन सिंह बुटोला सहित अन्य राज्य आंदोलनकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



