“6 कमरों का आशियाना खंडहर बनने की कगार पर, प्रशासन ने थमाया मकान खाली करने का नोटिस… आखिर परिवार और मवेशियों को लेकर कहां जाए सुरती राम?”
टिहरी के गुनोगी गांव में दरकती दीवारों के बीच जी रहा एक परिवार, वर्षों से न्याय की गुहार के बावजूद नहीं मिला समाधान।

टिहरी। जिले के चंबा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गुनोगी में रहने वाले सुरती राम का दो मंजिला छह कमरों का मकान आज पूरी तरह खतरे की जद में है। मकान की दीवारों और कमरों में जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि परिवार के लिए इस मकान में रहना हर पल मौत के साए में जीने जैसा हो गया है।
सुरती राम का आरोप है कि उनके मकान के ऊपर एक होटल के निर्माण के दौरान की गई कटान और मलबा डालने से उनके घर की नींव प्रभावित हुई। होटल स्वामी द्वारा बनाया गया सुरक्षा पुस्ता (रिटेनिंग वॉल) भी अब दरक चुका है। यदि यह पुस्ता भारी बारिश में टूटता है तो पूरा मकान मलबे में दब सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत की, जनता दर्शन में गुहार लगाई और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन आज तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। अब प्रशासन ने उन्हें 24 घंटे के भीतर मकान खाली करने का नोटिस थमा दिया है।
सुरती राम भावुक होकर कहते हैं की मैं अपने बच्चों, बहू, पोतों, पत्नी, मवेशियों और घर के सामान को लेकर आखिर कहां जाऊं? यह मकान मैंने अपने खून-पसीने की कमाई से बनाया था। अगर इसे छोड़ दूं तो मेरे परिवार का सहारा क्या होगा?
उनकी मांग है कि जिस होटल निर्माण के कारण उनके मकान पर खतरा पैदा हुआ है, उसी होटल स्वामी से उन्हें नया मकान बनवाया जाए। उनका कहना है कि केवल मकान खाली कराने का नोटिस देना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि पहले उनके परिवार और मवेशियों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जानी चाहिए।
राजस्व उप निरीक्षक, नागरजाधार द्वारा जारी नोटिस में मकान को आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बताते हुए 24 घंटे के भीतर भवन खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रशासन ने अब तक उनके रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई है।
अब सवाल यह है कि क्या एक गरीब परिवार को केवल मकान खाली करने का नोटिस देकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो सकता है? जब परिवार के सिर से छत छिन रही हो, तब उनके पुनर्वास की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
सुरती राम ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि उनके परिवार और मवेशियों के लिए तत्काल सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाया जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले इस परिवार की जिंदगी सुरक्षित की जा सके।हालांकि अब मामला डीएम दरबार पहुंचने पर परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।



