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आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली पर जागरूकता कार्यक्रम, जिला अस्पताल बौराड़ी में जुटे चिकित्सक व आमजन

आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली पर जागरूकता कार्यक्रम, जिला अस्पताल बौराड़ी में जुटे चिकित्सक व आमजन

11वाँ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस हर्षोल्लास के साथ टिहरी में मनाया गया

धन्वंतरी (आयुर्वेद) दिवस पर जिला अस्पताल बौराड़ी में कार्यक्रम आयोजित

जनपद टिहरी गढ़वाल स्थित नई टिहरी के जिला अस्पताल बौराड़ी के आयुष विंग में आज ‘धन्वंतरी दिवस’ एवं ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के अवसर पर कार्यक्रम और गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद के महत्व, योग और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। आयुर्वेदिक संस्थानों के चिकित्सकों ने सीआईएसएफ के जवानों और कर्मचारियों के साथ मिलकर कार्यक्रम में भाग लिया।

भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा आयुर्वेद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में लोगों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को अपनाने और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार लेने की अपील की गई।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश डोभाल, जिला होम्योपैथिक अधिकारी कैप्टन देवेंद्र प्रसाद पंत, वरिष्ट चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एस. रावत, चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद रावत एवं डॉ. कर्णपाल द्वारा भगवान धन्वंतरि जी का माल्यार्पण /पुष्पार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के बाद धन्वन्तरि वंदना के साथ किया गया।

इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रही। कार्यक्रम में वक्ताओं ने आयुर्वेद के महत्व, दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर निःशुल्क आयुर्वेद स्वास्थ्य शिविर, स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन तथा औषधीय पौधों से संबंधित IEC सामग्री तथा मिष्ठान का वितरण भी किया गया।

होम्योपैथी चिकित्सक बेला शाह ने बताया कि आयुर्वेद दिवस के अवसर पर अस्पतालों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक आयुर्वेद की जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में योग का भी महत्वपूर्ण योगदान है और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

प्रभारी चिकित्सक आयुर्वेद सत्येंद्र सिंह रावत ने बताया कि ‘धन्वंतरी जयंती’ के अवसर पर ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऋतु परिवर्तन के समय शरीर में भी कई तरह के बदलाव होते हैं, ऐसे में आयुर्वेद के अनुसार खान-पान और जीवनशैली का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है।और आज दिन और रात का समय 12-12 घंटे का एक ही समय होता है, उन्होंने लोगों से आयुर्वेद को अपनी दिनचर्या से जोड़ने की अपील की।

जिला अस्पताल बौराड़ी के सीएमएस डॉ. बृजेश डोभाल ने कहा कि आयुर्वेद और योग का स्वस्थ जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा में सभी के स्वस्थ और निरोगी रहने की कामना की गई है। योग के माध्यम से कई बीमारियों से काफी हद तक राहत प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि धन्वंतरी दिवस के अवसर पर सीआईएसएफ के जवानों और कर्मचारियों के साथ कार्यक्रम आयोजित करना सराहनीय पहल है। लोगों को आयुर्वेदिक उपचार लेने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

कार्यक्रम में आयुष विभाग के मुख्य फार्मेसी अधिकारी बी.पी बडोनी, मनोज धिरवाण ‘ एवम होमिओपेथी के अधिकारी तथा कर्मचारीगण, सी.आई.एस.एफ. जवान एवं के सी एच स्टाफ  बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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