केतन लाल हत्याकांड: दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी के बाद मामले ने लिया नया मोड़, परिजनों ने डीएम कार्यालय पर दिया धरना
केतन लाल हत्याकांड: दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी के बाद मामले ने लिया नया मोड़, परिजनों ने डीएम कार्यालय पर दिया धरना

नई टिहरी। केतन लाल हत्याकांड में चश्मदीद गवाह बताए जा रहे दिवाकर डिमरी की पोक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तारी के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को मृतक केतन लाल के परिजन एवं ग्राम देवल के ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग को लेकर धरना दिया।
बाद में जिलाधिकारी से वार्ता होने के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा और निर्दोष को न्याय मिलेगा।
धरना समाप्त करने के बाद परिजनों ने जिलाधिकारी को एक मांगपत्र भी सौंपा। मांगपत्र में कहा गया कि थाना लंबगांव क्षेत्र में केतन लाल हत्याकांड तथा दिवाकर डिमरी के विरुद्ध दर्ज पोक्सो एक्ट का मामला आपस में जुड़ा हुआ है। परिजनों का दावा है कि 29 जुलाई 2026 को पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार दिवाकर डिमरी, केतन लाल हत्याकांड का चश्मदीद गवाह है।
परिजनों की प्रमुख मांगें
केतन लाल हत्याकांड के सहअभियुक्तों, मुख्य आरोपी यशवीर पंवार की पत्नी विमला देवी तथा उनकी भतीजी कविता की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।
हत्याकांड की सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर कर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।
पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार दिवाकर डिमरी को शीघ्र रिहा किया जाए, क्योंकि परिजनों के अनुसार वह हत्याकांड का चश्मदीद गवाह है।
मृतक केतन लाल एवं दिवाकर डिमरी के परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से लंबित वैज्ञानिक साक्ष्य रिपोर्ट जल्द मंगाकर विवेचना में शामिल की जाए।
परिजनों ने मांगपत्र में प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोनों परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
नोट: पोक्सो एक्ट के मामले में दिवाकर डिमरी की रिहाई और उनके चश्मदीद गवाह होने संबंधी बातें परिजनों के मांगपत्र में व्यक्त दावे हैं। इन दावों पर अंतिम निर्णय न्यायालय एवं जांच एजेंसियों द्वारा कि

या जाएगा।



