REAP परियोजना का ‘हिमालयन भोजनालय’ बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का सफल मॉडल, मुख्य सचिव ने की सराहना
चंबा में सामुदायिक उद्यम का निरीक्षण, महिलाओं की उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बताया उत्तराखंड के विकास की मजबूत नींव

टिहरी। 05 जून। उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चंबा स्थित REAP (रूरल एंटरप्राइज एक्सीलरेशन प्रोजेक्ट) एवं अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) के सहयोग से संचालित सामुदायिक उद्यम ‘हिमालयन भोजनालय’ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उद्यम के सफल संचालन और महिला सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका संवर्धन का उत्कृष्ट मॉडल बताया।
अभिनंदन सीएलएफ द्वारा संचालित यह फूड कार्ट आधारित सामुदायिक उद्यम स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार और आय सृजन के अवसर उपलब्ध करा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने उद्यम की स्थापना, वित्तीय प्रबंधन, व्यवसायिक गतिविधियों और महिला सदस्यों की भूमिका की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्य सचिव ने कहा कि महिलाओं द्वारा संचालित ऐसे सामुदायिक उद्यम ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि REAP परियोजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।
महिला उद्यमियों से संवाद करते हुए मुख्य सचिव ने उनके अनुभव सुने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में प्रभावी पहल बताया।
गौरतलब है कि ‘हिमालयन भोजनालय’ की स्थापना लगभग 10 लाख रुपये की लागत से की गई है, जिसमें REAP परियोजना से 6 लाख रुपये की सहायता, 3 लाख रुपये का बैंक ऋण तथा 1 लाख रुपये का सामुदायिक अंशदान शामिल है। वर्तमान में यह उद्यम स्थानीय स्तर पर खाद्य सेवाएं प्रदान करते हुए महिलाओं की आय बढ़ाने और सामुदायिक संस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दे रहा है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सफल सामुदायिक उद्यमों के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाएं उद्यमिता और स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी निकिता खड़ेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्मकांत भट्ट सहित REAP परियोजना के अधिकारी, सामुदायिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य उपस्थित रहे।



