“टिहरी मेडिकल कॉलेज पर मचा सियासी घमासान, कांग्रेस बोली— जनता को गुमराह कर रही भाजपा”
आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति, NMC अनुमति और भूमि अधिग्रहण के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने कहा— टिहरी की जनता के साथ छल बर्दाश्त नहीं होगा।

नई टिहरी। नई टिहरी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर सोमवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट ने प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वर्षों से मेडिकल कॉलेज के नाम पर टिहरी की जनता को गुमराह कर रही है और सरकार बताए कि यदि मेडिकल कॉलेज स्वीकृत है तो उसकी अधिसूचना (शासनादेश) और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) की स्वीकृति आखिर सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है।
शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज की परिकल्पना सबसे पहले 11 मई 2011 को जिला कांग्रेस कमेटी ने की थी। इसके बाद 16 फरवरी 2012 को नई टिहरी की जनसभा में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने टिहरी में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने का सार्वजनिक वादा किया था। वर्ष 2012 के कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में भी इसका स्पष्ट उल्लेख था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद इस महत्वपूर्ण परियोजना को झटका लगा और आज तक भाजपा की डबल इंजन सरकार मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति नहीं दिला सकी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत केंद्र, राज्य और जिला स्तर के संबंधित विभागों से जानकारी जुटाई। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार टिहरी में किसी मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आरटीआई के जवाब में स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 88/2023 के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज स्थापना का प्रस्ताव एनएमसी के मानकों, कम जनसंख्या, सीमित संसाधनों और वित्तीय कठिनाइयों के कारण आगे नहीं बढ़ सका तथा इसे निरस्त करने का प्रस्ताव भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री घोषणा में संशोधन कर मेडिकल कॉलेज के स्थान पर नई टिहरी में 200 बेड का ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसका शासनादेश 13 अगस्त 2024 को जारी हुआ। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी, टिहरी ने भी आरटीआई के जवाब में स्पष्ट किया है कि नई टिहरी में कोई मेडिकल कॉलेज स्वीकृत नहीं है और न ही वर्तमान में कोई प्रस्ताव लंबित है।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार से मांग की कि यदि मेडिकल कॉलेज स्वीकृत है तो तीन दिन के भीतर उसका शासनादेश, एनएमसी की स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, गजट प्रकाशन और चयनित भूमि से जुड़े सभी अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही सरकार यह भी स्पष्ट करे कि मेडिकल कॉलेज किस स्थान पर, किस श्रेणी (राजकीय, निजी अथवा केंद्रीय) में स्थापित किया जाएगा तथा एनएमसी के मानकों को किस प्रकार पूरा किया जाएगा।
पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने साधा निशाना
पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि टिहरी की जनता वर्षों से मेडिकल कॉलेज की उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन भाजपा केवल घोषणाओं और दावों की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति और एनएमसी की अनुमति है तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए। यदि ऐसा नहीं है तो भाजपा को स्वीकार करना चाहिए कि उसने जनता को भ्रमित किया और इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के स्वास्थ्य और टिहरी के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत, शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार, जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा, पूर्व प्रमुख विजय गुनसोला, प्रदेश महामंत्री महिला कांग्रेस दर्शनी रावत, चंबा शहर अध्यक्ष शक्ति जोशी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



