टिहरी में मेडिकल कॉलेज की मांग तेज, 31 अगस्त तक निर्णय नहीं तो 1 सितंबर से आंदोलन
टिहरी में मेडिकल कॉलेज की मांग तेज, 31 अगस्त तक निर्णय नहीं तो 1 सितंबर से आंदोलन

नई टिहरी। टिहरी गढ़वाल में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर क्षेत्र की जनता और टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति ने मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मेडिकल कॉलेज को नई टिहरी में ही स्थापित किए जाने के संबंध में स्पष्ट एवं अंतिम निर्णय लेने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि टिहरी में मेडिकल कॉलेज की मांग लंबे समय से क्षेत्र की जनता की प्रमुख जनहित की मांग रही है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर पूर्व में भी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा घोषणाएं की जाती रही हैं।
समिति के प्रतिनिधिमंडल ने 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग रखी थी। समिति के अनुसार, मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में की गई घोषणा तथा टिहरी विधायक के प्रस्ताव के अनुरूप टिहरी में ही मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का मौखिक आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, समिति का आरोप है कि इसके विपरीत स्वास्थ्य मंत्री की ओर से मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल से अन्य स्थान पर भूमि चयन का प्रस्ताव मांगा जा रहा है। इससे क्षेत्र की जनता में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
समिति ने सरकार से अन्यत्र भूमि चयन की प्रक्रिया तत्काल रोकने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना नई टिहरी, टिहरी में ही की जाएगी।
31 अगस्त तक निर्णय नहीं तो आंदोलन
संघर्ष समिति ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 31 अगस्त 2026 तक टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर ठोस, स्पष्ट और अंतिम निर्णय नहीं लिया गया तथा आवश्यक शासनादेश जारी नहीं किया गया, तो 1 सितंबर 2026 से क्रमिक अनशन, धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किए जाएंगे।
समिति ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना होने से टिहरी गढ़वाल समेत पूरे पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 31 अगस्त से पहले टिहरी में ही मेडिकल कॉलेज की स्थापना का अंतिम निर्णय लेकर शासनादेश जारी किया जाए और अन्यत्र भूमि चयन संबंधी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।



