टिहरी से बड़ी खबर : वीआईपी काफिले के वाहन की रफ्तार पर टिहरी में हंगामा, कार क्षतिग्रस्त होने और स्कूटी सवार के गिरने का आरोप, जानिए क्या है मामला
टिहरी से बड़ी खबर : वीआईपी काफिले के वाहन की रफ्तार पर टिहरी में हंगामा, कार क्षतिग्रस्त होने और स्कूटी सवार के गिरने का आरोप, जानिए क्या है मामला

टिहरी । उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के टिहरी दौरे के दौरान आज सरकारी फ्लीट का एक वाहन विवादों में घिर गया। स्थानीय नागरिकों ने वाहन चालक पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लीट वाहन की वजह से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक स्कूटी सवार सड़क किनारे गिर पड़ा। घटना के बाद लोगों ने वाहन को रोककर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह बौराड़ी क्षेत्र में मुख्य सचिव के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान फ्लीट में शामिल एक वाहन अत्यधिक तेज गति से गुजर रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चालक ने यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन चलाया, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य वाहन चालकों को अचानक रास्ता छोड़ना पड़ा।
स्थानीय निवासी प्रवीन सिंह ने बताया कि वह अपने कार्यस्थल जा रहे थे। फ्लीट वाहन को आते देख उन्होंने अपनी कार को सड़क के एकदम किनारे कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद वाहन उनकी कार के बेहद नजदीक से निकला और कार को नुकसान पहुंच गया। उन्होंने चालक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
वहीं राकेश प्रसाद उनियाल ने आरोप लगाया कि तेज रफ्तार वाहन से बचने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह स्कूटी समेत सड़क किनारे गिर पड़े। हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना से क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। आक्रोशित नागरिकों ने संबंधित वाहन का पीछा कर उसे साईं चौक के समीप रोक लिया। कुछ देर तक वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया।
स्थानीय नागरिकों ने चालक के नशे में होने की आशंका भी जताई और उसका मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की। हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी। यदि चालक की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने वीआईपी मूवमेंट के दौरान सरकारी फ्लीट वाहनों के संचालन और सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके नाम पर आम नागरिकों की सुरक्षा और यातायात नियमों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।



