बड़ी खबर : तहसील निरीक्षण में DM की सख्ती, सर्विस बुक से लेकर नामांतरण तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
बड़ी खबर : तहसील निरीक्षण में DM की सख्ती, सर्विस बुक से लेकर नामांतरण तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने तहसील नरेंद्रनगर का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दिए निर्देश
अभिलेखों में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
नरेंद्रनगर तहसील दिवस के पश्चात जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने तहसील नरेंद्रनगर का निरीक्षण कर विभिन्न कार्यालयी व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तहसील के विभिन्न कक्षों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टेबल पर उनके नाम एवं पदनाम अंकित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की पहचान में सुविधा हो।
जिलाधिकारी ने संदर्भ पंजिका, डाक व्यवस्था, न्यायालय से प्राप्त संदर्भ तथा मा. मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भों सहित विभिन्न पंजिकाओं एवं प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक माह के अंत में लंबित प्रकरणों का विवरण अद्यतन करते हुए पिछले वर्ष की लंबित पेंडेंसी का विवरण भी स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गुरु प्रसाद ममगाईं को गत वर्ष के रजिस्टरों को नियमानुसार क्लोज करते हुए आवश्यक प्रविष्टियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने भू-अभिलेख अभिलेखागार का निरीक्षण कर संबंधित पत्रावलियों एवं अभिलेखों का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों की सर्विस बुक का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ सर्विस बुक में ईएल/इंक्रीमेंट संबंधी प्रविष्टियां अद्यतन न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बालम सिंह रावत को सभी आवश्यक प्रविष्टियां तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नामांतरण वादों एवं खतौनी में नामांतरण की स्थिति की भी गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रकरणों में नामांतरण वाद स्वीकृत होने के बावजूद खतौनी में विलंब से परवाना जारी होने की स्थिति सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए रजिस्ट्रार कानूनगो बालम सिंह रावत से स्पष्टीकरण आख्या तलब की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत नामांतरण वादों के आधार पर खतौनी में आवश्यक प्रविष्टियां तत्काल अद्यतन की जाएं तथा इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में न हो।



