टिहरी जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का टोटा, अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को ऋषिकेश-देहरादून की दौड़
टिहरी जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का टोटा, अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को ऋषिकेश-देहरादून की दौड़

नई टिहरी। टिहरी जिले के जिला अस्पताल बौराड़ी में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा सप्ताह में केवल सोमवार, मंगलवार और बुधवार को ही उपलब्ध है। इन तीन दिनों में भी जांच इसलिए संभव हो पाती है क्योंकि नरेंद्रनगर अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट यहां आकर अपनी सेवाएं देते हैं।
स्थायी रेडियोलॉजिस्ट के अभाव का सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर पड़ रहा है। पेट दर्द, किडनी, लीवर और अन्य बीमारियों से संबंधित अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को एक से डेढ़ महीने बाद की तिथि मिल रही है। ऐसे में कई मरीज मजबूर होकर निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों या ऋषिकेश एवं देहरादून का रुख कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए इलाज के साथ-साथ दूसरे शहर तक आने-जाने का अतिरिक्त खर्च उठाना बेहद मुश्किल है। आर्थिक तंगी के कारण कई मरीज समय पर आवश्यक जांच नहीं करा पा रहे हैं, जिससे उनकी बीमारी गंभीर होने का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला अस्पताल होने के बावजूद यदि आवश्यक जांच के लिए मरीजों को दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़े, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से जिला अस्पताल बौराड़ी में जल्द से जल्द स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने की मांग की है।
इस बीच, हाल ही में नियुक्त सीएमओ डॉ राम प्रकाश और हाल ही में नियुक्त (सीएमएस) डॉ. बृजेश डोभाल से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। डॉ. डोभाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जिला अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति सुनिश्चित कराना होगी, ताकि जिलेवासियों को समय पर अल्ट्रासाउंड सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जिला अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।



