अपनी सरकार के खिलाफ आंदोलन क्यों? कांग्रेस ने भाजपा नेताओं से मांगा जवाब
रामगांव-बोर गांव की भूमि नीलामी के विरोध में उतरे भाजपा नेताओं पर कांग्रेस का हमला, कहा- पहले पार्टी छोड़ें फिर आंदोलन करें

टिहरी। थौलधार विकासखंड और टिहरी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रामगांव और बोर गांव की कुछ भूमि की प्रस्तावित नीलामी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि नीलामी के लिए निविदा आमंत्रित किए जाने के बाद क्षेत्र में इसका विरोध लगातार बढ़ रहा है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर भाजपा के कुछ पदाधिकारियों और नेताओं द्वारा भूमि नीलामी के विरोध में धरना-प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आने पर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता शान्ति प्रसाद भट्ट ने बयान जारी कर कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों से राज्य और करीब 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भाजपा नेताओं का अपनी ही सरकार के फैसलों के खिलाफ सड़क पर उतरना राजनीतिक दिखावा प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के नेता वास्तव में भूमि नीलामी के विरोध में हैं तो उन्हें पहले अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए और भाजपा की सदस्यता छोड़नी चाहिए। इसके बाद ही उनका आंदोलन जनहित का माना जाएगा। अन्यथा यह संघर्ष केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास समझा जाएगा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभिन्न मामलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और अब भूमि नीलामी जैसे मुद्दों पर भाजपा नेताओं का विरोध जनता के बीच कई सवाल खड़े कर रहा है।
भूमि नीलामी के मुद्दे पर जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



