Tehri Garhwal

टिहरी : हनुमान लीला और लंका दहन के मंचन ने मोहा मन, भारी बारिश से टिहरी रामलीला का अष्टम दिवस समय पूर्व समाप्त”

बौराड़ी स्टेडियम में जलभराव पर समिति ने जताई नाराजगी, स्थायी समाधान की उठाई मांग

टिहरी। टिहरी रामलीला के अष्टम दिवस की लीला का मंचन हनुमान जी द्वारा समुद्र पार कर लंका पहुंचने के प्रसंग से प्रारंभ हुआ। इसके बाद माता सीता से भेंट, श्रीराम की निशानी स्वरूप अंगूठी प्रदान करने, अशोक वाटिका विध्वंस, मेघनाद-हनुमान युद्ध एवं लंका दहन जैसे रोमांचकारी प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और भव्य प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा।

राम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान, मेघनाद एवं रावण के पात्रों का दमदार अभिनय दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जिसकी उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की। हालांकि अष्टम दिवस की लीला का मंचन अंगद-रावण संवाद तक प्रस्तावित था, लेकिन देर रात हुई भारी वर्षा के कारण कार्यक्रम को निर्धारित समय से पूर्व ही समाप्त करना पड़ा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक घनसाली विधानसभा भीम लाल आर्य उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतापनगर आनंद सिंह रावत, अधिवक्ता लक्ष्मी प्रसाद बडोनी, सभासद विजय कठैत, शैलेश उनियाल, पूर्व प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य खुशी लाल, बार एसोसिएशन एवं उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र दुमोगा, वरिष्ठ पत्रकार ज्योति डोभाल, देवभूमि आईटीएफयू के अध्यक्ष अशोक कुमार राठौड़ तथा दर्शन लाल उनियाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अपने संबोधन में पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने कहा कि आज देश में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, जबकि हमारी सनातन संस्कृति धीरे-धीरे विलुप्त होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर ही हम अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने रामलीला जैसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद सिंह रावत ने रामलीला समिति द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट मंचन की सराहना करते हुए समिति को बधाई दी।

रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल ने भारी वर्षा के कारण उत्पन्न हुई अव्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बौराड़ी स्टेडियम में जलभराव की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा हर वर्ष केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि दर्शकों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए समिति द्वारा विशेष रूप से वाटरप्रूफ हैंगर टेंट की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद स्टेडियम में भरे पानी के टेंट के अंदर तक पहुंच जाने से दर्शकों और कलाकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते रामलीला का मंचन निर्धारित समय से पहले समाप्त करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के संरक्षक सतीश थपलियाल ने किया।

इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक एवं नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, महासचिव अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेन्द्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश लांबा, उपाध्यक्ष भगवान चंद रमोला सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

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