टिहरी में इंजीनियर्स का विरोध, ‘बुद्धि-शुद्धि यज्ञ’ से सरकार पर दबाव”
टिहरी में इंजीनियर्स का विरोध, ‘बुद्धि-शुद्धि यज्ञ’ से सरकार पर दबाव”

उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की लम्बे समय से शासन स्तर पर लम्बित 27 सूत्रीय समस्याओं के समाधान न होने पर प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण के आन्दोलन के पश्चात महासंघ के सदस्यो द्वारा दिनांक 23.03.2026 से प्रारम्भ अनिश्चित कालीन हड़ताल के क्रम में आज सोलवें दिवस 07.04.2026 को उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ शाखा-टिहरी के सदस्यो ने लो०नि०वि० निरीक्षण भवन टिहरी के सामने अनिश्चित कालीन हडताल प्रदर्शन कर शासन एवं सरकार के प्रति रोष प्रकट किया गया।
आवश्यक सेवा जलसंस्थान एवं पेयजल निगम जनपद टिहरी के सदस्य भी विभिन्न शाखाओं में उपस्थित रहे, जिससे आवश्यक सेवाये भी बाधित हो गयी हैं। साथ ही चार धाम यात्रा से सम्बंधित तैयारियां, हॉट मिक्स, सेतु निर्माण एवं अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्य ठप पड़ चुके हैं। शासन-प्रशासन के मनमाने आचरण के विरोध मे महासंघ द्वारा आज लो०नि०वि० निरीक्षण भवन टिहरी में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगो के समर्थन में आज विधायक प्रताप नगर विक्रम सिंह नेगी ने धरना स्थल लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन पहुंच कर महासंघ को समर्थन दिया गया वही महासंघ को जिला पंचायत सदस्य संगठन टिहरी गढवाल एवं ठेकेदार एसोसिएशन नई टिहरी द्वारा समर्थन पत्र सौपा गया।
टिहरी मे हड़ताल के सोलवें दिन की अध्यक्षता इं० त्रयम्बक गैरोला व संचालन इं० नीतू चौहान द्वारा की गई। हड़ताल मे महासंघ के सचिव प्रोन्नत इं० सतीश भट्ट, मण्डल उपाध्यक्ष गढ़वाल विपिन डोभाल, जनपद अध्यक्ष इं० भूपेन्द्र रावत, जनपद सचिव इं० राजेन्द्र सोढी, शाखा अध्यक्ष इं० जे०पी० भट्ट, शाखा सचिव इं० आशीष मित्तल, इं० अकित कुमार सैनी, इं० स्वाति चौहान, इं० मोहित रावत, इं ऊषा भण्डारी, इं० विनय कुमार, ३० शशांक बधानी, इं० गोपाल सैनी, इं० विनीत सैनी आदि समस्त तकनीकी विभागो के डिप्लोमा इंजीनियर्स द्वारा प्रतिभाग किया गया।
महासंघ की 27 सूत्रीय मांगो से प्रमुख मांगे निम्नलिखित है-
1. कनिष्ठ अभियन्ताओ लम्बे समय से लम्बित वेतन विसंगति।
2. डिप्लोमा इंजीनियर्स को 10,16,26 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नत वेतन मान।
3. वर्ष 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ताओ को प्रथम एसीपी के रूप मे रू 5400.00 ग्रेड पे।
4. पेयजल निगम एवं जल संस्थान का राजकीय एकीकरण।
5. सहायक अभियन्ताओ से उच्च पदो पर पदोन्नति के लिए समानांतर गैलरी।
6. पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल ।
7. तीनो उर्जा निगमो मे प्रोन्नति सीमा को राजकीय विभागो के तर्ज पर 40 प्रतिशत से बढाकर 50 प्रतिशत किया जाये।
8. कृषि/जिला पंचायत विभाग मे इंजीनियर्स ढांचे का पुर्नगठन।
9. उरेडा विभाग में वेतन विसंगति।
10. स्थानांनतरण अधिनियम-2017 मे महासंघ द्वारा प्रेषित सुझावो के अनुरूप संशोधन।



