टिहरी : डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल 13वें दिन भी जारी, जरूरी सेवाएं ठप
टिहरी : डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल 13वें दिन भी जारी, जरूरी सेवाएं ठप

टिहरी | 4 अप्रैल 2026 उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को 13वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से लंबित 27 सूत्रीय मांगों के समाधान न होने से नाराज इंजीनियरों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है।
टिहरी शाखा के तहत लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन के सामने धरना-प्रदर्शन करते हुए इंजीनियरों ने शासन के प्रति कड़ा रोष जताया। इस हड़ताल का असर अब व्यापक रूप से दिखाई देने लगा है।
जरूरी सेवाओं पर भी पड़ा असर
हड़ताल के चलते जल संस्थान और पेयजल निगम जैसे विभागों की सेवाएं भी प्रभावित हो गई हैं। कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की खबरें हैं। इसके अलावा:
चारधाम यात्रा की तैयारियां प्रभावित
हॉट मिक्स प्लांट और सड़क निर्माण कार्य ठप
सेतु (पुल) निर्माण और अन्य परियोजनाएं रुकीं
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में इंजीनियर शामिल
हड़ताल के 13वें दिन की अध्यक्षता इं. सुरेन्द्र सिंह तनवर ने की, जबकि संचालन इं. नितिन लेखवार द्वारा किया गया। इस दौरान शाखा सचिव आशीष मित्तल, जनपद सचिव इं. राजेन्द्र सोढी सहित कई पदाधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे।
मुख्य मांगें क्या हैं?
महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगति दूर की जाए
10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत वेतनमान
2014 के बाद नियुक्त अभियंताओं को ₹5400 ग्रेड पे
पेयजल निगम व जल संस्थान का राजकीय एकीकरण
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
ऊर्जा निगमों में पदोन्नति सीमा 50% की जाए
स्थानांतरण अधिनियम 2017 में संशोधन
सरकार पर बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ती हड़ताल से सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो राज्य में विकास कार्यों और आवश्यक सेवाओं पर और गंभीर असर पड़ सकता है।



