
उत्तराखंड की राजनीति में पिछले कुछ समय से अस्थिरता और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें जोरों पर थीं। लेकिन इन तमाम कयासों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक चिट्ठी ने विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तीन साल के कार्यकाल पर पीएम मोदी द्वारा भेजे गए पत्र को केवल एक औपचारिक संदेश नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। यह संदेश साफ करता है कि भाजपा हाईकमान धामी सरकार की स्थिरता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और राज्य में किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन की संभावना नहीं है।
पीएम मोदी की चिट्ठी: महज औपचारिकता नहीं, बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल को “सेवा, सुशासन और विकास” का प्रतीक बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और यह दशक उत्तराखंड का होगा। यह सिर्फ औपचारिक शब्द नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक निहितार्थ समेटे हुए हैं।
समय की सटीक रणनीति: संदेश के पीछे की राजनीति
23 मार्च को धामी सरकार के तीन साल पूरे हुए थे, लेकिन यह चिट्ठी 29 मार्च को जारी हुई और फिर 1 अप्रैल को सार्वजनिक की गई। इस समयसीमा को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं के हालिया बयान और राज्य में बढ़ती सियासी हलचल के बीच आई इस चिट्ठी ने एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि हाईकमान धामी सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर लगा विराम
उत्तराखंड की राजनीति में बीते कुछ हफ्तों से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। भाजपा के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के बयान सियासी गर्मी बढ़ा रहे थे। कई जगह गुप्त बैठकें और दिल्ली तक राजनीतिक दौड़-धूप तेज हो गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने संयम बनाए रखा और अपने काम में निरंतरता बरकरार रखी। ऐसे में पीएम मोदी का यह पत्र धामी के नेतृत्व को लेकर किसी भी संदेह को दूर करता है।
भाजपा हाईकमान का धामी सरकार पर भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और उनके द्वारा लिए गए बड़े फैसलों को केंद्र सरकार और भाजपा हाईकमान का पूरा समर्थन मिला है। समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा लागू करने का साहसिक निर्णय हो या 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, धामी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जो राज्य की राजनीति और विकास को नई दिशा दे सकते हैं। पीएम मोदी पहले भी कई मौकों पर धामी की सराहना कर चुके हैं। शीतकालीन प्रवास के दौरान उन्होंने धामी को ‘छोटा भाई’ और ‘ऊर्जावान मुख्यमंत्री’ कहा था।
राजनीतिक स्थिरता का साफ संकेत
प्रधानमंत्री मोदी की यह चिट्ठी केवल बधाई संदेश नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है कि भाजपा नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी से पूरी तरह संतुष्ट है। यह पत्र उन नेताओं के लिए करारा जवाब है जो राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के कयास लगा रहे थे।
आगामी चुनावों की राह हुई स्पष्ट
अब उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन इतना तो तय है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व को लेकर हाईकमान का विश्वास पूरी तरह कायम है। इस चिट्ठी ने जहां सियासी बयानबाजियों पर विराम लगाया है, वहीं धामी सरकार के आगे बढ़ने का रास्ता भी साफ कर दिया है।