टिहरी में अभिभावकों का फूटा गुस्सा: ऑल सेंट्स कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन पर मनमानी के आरोप, डीएम से की शिकायत
टिहरी में अभिभावकों का फूटा गुस्सा: ऑल सेंट्स कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन पर मनमानी के आरोप, डीएम से की शिकायत

नई टिहरी। टिहरी में आज अभिभावकों का आक्रोश खुलकर सामने आया, जब ऑल सेंट्स कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ शिकायत लेकर अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी, अनुचित फीस वसूली और बच्चों के हितों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि उनके बच्चे उक्त विद्यालय में अध्ययनरत हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा लगातार ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
तीन माह की फीस एक साथ जमा कराने का दबाव
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय द्वारा एक साथ तीन-तीन माह की फीस जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे खासकर एक से अधिक बच्चों के अभिभावकों को भारी आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की भांति मासिक शुल्क जमा करने की व्यवस्था लागू की जाए।
मुख्य शिकायतें और आरोप
अभिभावकों ने कई गंभीर बिंदुओं पर आपत्ति जताई—
हर साल “एडमिशन फीस” को “एनुअल फीस” के नाम पर ₹3000 वसूले जा रहे हैं
कक्षा 8 तक के बच्चों से साइंस लैब फीस ली जा रही, जबकि उन्हें लैब में जाने की अनुमति नहीं
वर्षों से बंद लैंग्वेज लैब के नाम पर फीस वसूली
इंग्लिश मीडियम स्कूल होने के बावजूद अलग से इंग्लिश लैंग्वेज फीस
जिन छात्रों का कंप्यूटर विषय नहीं, उनसे भी कंप्यूटर फीस
एक्टिविटी फीस अनिवार्य, साथ ही खेल गतिविधियों के लिए अतिरिक्त शुल्क
हर साल किताबें बदलकर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालना
फीस लेट होने पर बच्चों को अपमानित करने के आरोप
स्कूल बसों की कमी, बच्चों को घंटों इंतजार
बस दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने वाला अनुबंध
शिक्षकों द्वारा ट्यूशन के लिए दबाव और भेदभाव
पीटीए (अभिभावक-शिक्षक संघ) का गठन नहीं
सरकारी निर्देशों की अनदेखी का आरोप
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कक्षा 5 तक “बैग-फ्री डे” लागू करने के निर्देशों का भी विद्यालय में पालन नहीं किया जा रहा है।
अभिभावकों की मांग
अभिभावकों ने जिलाधिकारी से मांग की कि—
फीस संरचना की जांच की जाए
मनमानी शुल्क वसूली पर रोक लगे
पीटीए का गठन सुनिश्चित किया जाए
बच्चों के हितों को प्राथमिकता दी जाए
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और अभिभावकों को राहत मिल पाती है या नहीं।



