टिहरी : थौलधार महोत्सव में सीएम धामी का बड़ा ऐलान, सड़कों से लेकर नर्सिंग कॉलेज तक विकास की नई सौगात
टिहरी : थौलधार महोत्सव में सीएम धामी का बड़ा ऐलान, सड़कों से लेकर नर्सिंग कॉलेज तक विकास की नई सौगात

“थौलधार में प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने की विकास योजनाओं की घोषणाएं”
“सीएम धामी बोले—लोक संस्कृति के संरक्षण से मजबूत होगी देवभूमि की पहचान”
“टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में सरकार संकल्पित: मुख्यमंत्री”
“थौलधार की जनता को मिला विकास का भरोसा, सड़कों, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाओं पर जोर”
आज दिनांक 10 जनवरी, 2026 को प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के विकास खण्ड थौलधार स्थित राजकीय इंटर कॉलेज, छाम में सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा यूसीसी के प्रमाण पत्र लाभार्थियों को वितरित किए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य हुआ है, जिसके उदाहरण अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर तथा बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम के पुनर्विकास हैं। उत्तराखंड में भी हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने हेतु स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है, जहां एक हजार खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं तथा झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना एवं आयुष वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नीति आयोग की वर्ष 2023-24 की सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जिसे बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की गई है तथा लव जिहाद, लैंड जिहाद एवं अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।
हमारी सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराया है तथा 6 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय भी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का कार्य किया गया है।
आज कांग्रेस एवं विपक्ष में जबरदस्त बौखलाहट दिखाई दे रही है। उन्हें दंगा विरोधी कानून में भी कमियां नजर आती हैं, जबकि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि दंगाइयों से एक-एक पाई की वसूली की जाएगी। कुछ अर्बन नक्सल गैंग विकास के मार्ग में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं, जिनका एजेंडा सनातन धर्म को बदनाम करने और समाज को विभाजित करने का है। परंतु सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी तथा देवभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य करती रहेगी।
विपक्षी लोग अंकिता भंडारी प्रकरण पर भी राजनीति करने से नहीं चूके, जबकि हमारी सरकार शुरू से ही अंकिता के परिवार के साथ खड़ी थी और आज भी उनके साथ खड़ी है। सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया, जिसने लगभग ढाई वर्ष तक गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई। जब अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और आगे भी उनके साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ न्याय दिलाने के लिए कार्य कर रही है।
अंत में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देगी और थौलधार सहित पूरे टिहरी जनपद को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख ज्योत सिंह बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में यूसीसी, नकल विरोधी कानून सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में योजनाओं को धरातल पर उतारने का सराहनीय कार्य हो रहा है। स्थानीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री को कर्मठ एवं यशस्वी बताते हुए क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
थौलधार ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी ने क्षेत्र की विभिन्न आवश्यकताओं से अवगत कराते हुए मांगें प्रस्तुत कीं, जिनमें गैर गुसाईं–खाद सावली मोटर मार्ग के शेष भाग का निर्माण, मठियाली झूला पुल से स्यांसू एनएच तक 3 किमी सड़क निर्माण, गैर/क्यार्दा में अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र (टाइप-ए), थौलधार क्षेत्र में 100 किमी सड़कों का डामरीकरण, छाम–बल्डोगी झील पर पुल निर्माण, कटखेत/कौडू में अतिरिक्त पीएचसी, राजकीय महाविद्यालय कमान्द में विज्ञान संकाय एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं का संचालन, ग्राम सभा नकोट जुवा में विद्युत उपकेन्द्र, काण्डीखाल पीएचसी का उच्चीकरण, थौलधार में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना तथा ठांगधार से वाल्खाखाल सड़क निर्माण शामिल हैं। मुख्यमंत्री जी ने इन मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही एवं घोषणा में शामिल करने की बात कही।
इस अवसर पर विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, ओबीसी अध्यक्ष संजय नेगी, दर्जाधारी विनोद उनियाल, ब्लाक प्रमुख सुरेन्द्र भण्डारी, भाजपा प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख ख़ेम सिंह चौहान सहित थौलधार की जनता, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



