मकर संक्रांति पर टिहरी में अनोखी पहल, ‘शराब संस्कार मुहिम’ ने बदली शादी की परंपरा
मकर संक्रांति पर टिहरी में अनोखी पहल, ‘शराब संस्कार मुहिम’ ने बदली शादी की परंपरा


टिहरी । जनपद टिहरी गढ़वाल में सामाजिक कार्यकर्ता सुशील बहुगुणा द्वारा संचालित “शराब संस्कार मुहिम” के तहत मकर संक्रांति पर्व पर आयोजित विवाह समारोहों में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। इस दौरान ऐसे परिवारों और वधुओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने विवाह समारोह पूर्णतः शराब-मुक्त वातावरण में सम्पन्न कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया।
जाखणीधार के मैराफ निवासी शीतल तथा मंज्युड निवासी मीनाक्षी के विवाह बिना शराब सम्पन्न हुए, जिस पर दोनों परिवारों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान विवाह में उपस्थित स्वागतकर्ता परिवारजनों के बीच वधुओं को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि नारी सम्मान और नशा-मुक्त परंपराएँ एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
इस अवसर पर शीतल ने कहा कि समाज हमसे बनता है, हम जो उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, लोग धीरे-धीरे उसे स्वीकार करते हैं। आज शराब नहीं, बल्कि संस्कार की बात हो रही है।” वहीं मीनाक्षी ने खुशी जताते हुए कहा कि “मेरे इस निर्णय पर मेरा पूरा परिवार मेरे साथ खड़ा है, यह मेरे लिए गर्व की बात है।
अभियान के संयोजक सुशील बहुगुणा ने कहा कि शादी जैसे पवित्र संस्कार में शराब की कोई आवश्यकता नहीं है। बिना नशे के सम्पन्न विवाह न केवल पारिवारिक सौहार्द बढ़ाते हैं, बल्कि समाज को भी सही दिशा देते हैं। उन्होंने बताया कि शराब संस्कार मुहिम का उद्देश्य विवाह, मांगलिक कार्यक्रमों व सामाजिक आयोजनों को नशा-मुक्त बनाना तथा भावी पीढ़ी को संस्कार और जिम्मेदारी का संदेश देना है।
कार्यक्रम में प्रधान मैराफ सरिता बिष्ट, प्रधान मंज्युड रानी नेगी, स्थानीय नागरिक सीताराम भट्ट सहित सामाजिक संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली मुहिम बताया।
इस अवसर पर वधुओं के परिजन सुषमा बिष्ट, महावीर बिष्ट, विमला देवी, दर्शनी देवी, दौलत सिंह नेगी, कुलबीर सिंह नेगी, विक्रम सिंह नेगी तथा संस्था कार्यकर्ता कुंभिबाला भट्ट, जगदीश बडोनी, लक्ष्मी विजय डोभाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



