कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शोध में नई पहल, कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने राज्यपाल को भेंट की पुस्तक
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शोध में नई पहल, कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने राज्यपाल को भेंट की पुस्तक

टिहरी/देहरादून। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने लोक भवन में माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कुलपति ने राज्यपाल को “Emerging AI Technologies and Applications” शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक भेंट की।
यह पुस्तक प्रो. एन. के. जोशी, डॉ. गौरव वार्ष्णेय और प्रो. परवेज अहमद द्वारा संपादित की गई है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के तेजी से विकसित होते आयामों, उभरती तकनीकों और विभिन्न क्षेत्रों में उनके संभावित उपयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। पुस्तक में शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग, स्वास्थ्य, प्रशासन और डिजिटल नवाचारों में AI की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जोशी ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की हालिया शैक्षणिक, तकनीकी और शोध उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के अनुरूप आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है तथा विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में विशेष पहल की जा रही है। साथ ही विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System – IKS) को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रहा है, जिससे विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीकी दक्षता भी प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नवाचार, शोध गतिविधियों, डिजिटल शिक्षण प्रणाली और तकनीकी परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
राज्यपाल ने कुलपति प्रो. एन. के. जोशी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा और तकनीकी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।



