डिजिटल युग में भारतीय ज्ञान परंपरा की नई उड़ान: ‘प्रज्ञानम्’ एआई चैटबॉट लॉन्च
डिजिटल युग में भारतीय ज्ञान परंपरा की नई उड़ान: ‘प्रज्ञानम्’ एआई चैटबॉट लॉन्च

देहरादून। उत्तराखण्ड में शिक्षा और तकनीक के संगम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बुधवार को लोक भवन, देहरादून में श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘प्रज्ञानम्’ एआई चैटबॉट का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
राज्यपाल ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ‘प्रज्ञानम्’ को दूरदर्शी और समयानुकूल पहल बताते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ ज्ञान के प्रसार का सशक्त माध्यम बनेगा।
उन्होंने विश्वविद्यालय की शोध-उन्मुख सोच, अकादमिक सक्रियता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए इसे उत्तराखण्ड को ज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में अहम कदम बताया।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने चैटबॉट की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘प्रज्ञानम्’ भारतीय ज्ञान प्रणाली—जैसे वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, गणित, दर्शन और प्राचीन विज्ञान—पर आधारित एक समृद्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह उपयोगकर्ताओं को त्वरित, सटीक और संदर्भ आधारित जानकारी उपलब्ध कराता है।
उन्होंने कहा कि यह एआई चैटबॉट विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों के लिए एक डिजिटल ज्ञान-सहायक के रूप में कार्य करेगा, जो न केवल जिज्ञासाओं का समाधान करेगा बल्कि शोध और स्व-अध्ययन को भी बढ़ावा देगा।
कार्यक्रम का संचालन बीसीए समन्वयक डॉ. गौरव वार्ष्णेय द्वारा किया गया।
ऑनलाइन उपलब्ध:
यह चैटबॉट आम जनता के लिए https://pragyanam.live/� पर उपलब्ध है, जहां कोई भी व्यक्ति आसानी से इसका उपयोग कर सकता है।



