18 सूत्रीय मांगों को लेकर टिहरी में कर्मचारियों का हुंकार, गेट मीटिंग से सरकार को चेतावनी
18 सूत्रीय मांगों को लेकर टिहरी में कर्मचारियों का हुंकार, गेट मीटिंग से सरकार को चेतावनी

टिहरी।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर 18 सूत्रीय मांगों के समर्थन में चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में आज 31 जनवरी 2026 को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद टिहरी गढ़वाल की जिला कार्यकारिणी द्वारा कोषागार कार्यालय परिसर, नई टिहरी में गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। गेट मीटिंग की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने की।
इस अवसर पर सुनील कलेठा (अध्यक्ष, ग्राम विकास अधिकारी संघ), मनोज लखेड़ा (उपाध्यक्ष, कोषागार संघ), लक्ष्मण सजवाण (अध्यक्ष, वन विभाग अधिकारी संघ) तथा शेफाली (डीआरडीए संघ) के संयुक्त नेतृत्व में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को पत्रक के माध्यम से रखा गया।
मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं
आर्थिक एवं वेतन संबंधी मांगें:
कर्मचारियों ने 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी व्यवस्था को पूर्ववत बहाल करने, विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर कर समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक कर लागू करने, केंद्र के समान एचआरए देने, संशोधित वाहन भत्ता वंचित संवर्गों को स्वीकृत करने तथा 30 जून व 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को काल्पनिक वेतनवृद्धि का लाभ देने की मांग की।
पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ:
एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि कम करने, वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन व ग्रेच्युटी भुगतान में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर करने तथा 8वें वेतन आयोग से जुड़े सुझावों में कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग उठाई गई।
चिकित्सा सुविधाएं:
गोल्डन कार्ड के अंतर्गत जन औषधि केंद्रों पर दवाएं व पैथोलॉजी जांच पूर्णतः कैशलेस करने तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति व अस्पताल भुगतान के लिए स्थायी बजट प्रबंध की मांग रखी गई।
पदोन्नति एवं सेवा नियमावली:
पदोन्नति में शिथिलीकरण हेतु परिवीक्षा अवधि की अनिवार्यता समाप्त करने, विभागीय पुनर्गठन व सेवा नियमावली संशोधन में संगठनों को विश्वास में लेने तथा मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा की मांग की गई।
अन्य मांगें:
निगमों, निकायों, विश्वविद्यालयों व अशासकीय विद्यालयों के कार्मिकों को समान सुविधाएं, वर्दीधारी संवर्गों को पुलिस के समान लाभ, आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा सुरक्षा तथा मान्यता प्राप्त संगठनों के साथ नियमित संवाद व समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
विकासखंड स्तर पर भी गेट मीटिंग
आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए विकासखंड जाखणीधार, भिलंगना, नरेंद्र नगर, कीर्तिनगर सहित विभिन्न कार्यालयों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी गेट मीटिंग कर जन-जागरण अभियान चलाया गया। इनमें संबंधित विकासखंडों के कर्मचारी नेताओं के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्मिकों ने सहभागिता की।
धरना प्रदर्शन का आह्वान
15 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक विभिन्न विभागों में चले जन-जागरण कार्यक्रम का आज समापन किया गया। जिला अध्यक्ष द्वारा सभी संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए 7 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय में प्रस्तावित एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में शत-प्रतिशत उपस्थिति की अपील की गई।
गेट मीटिंग में ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, स्वास्थ्य, बाल विकास, एएनएम संघ, कोषागार, डीआरडीए, वन विभाग, सहकारिता सहित विभिन्न संवर्गों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लेकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की।



