शपथ से सीधे एक्शन, रौलाकोट प्रधान ने रोकी जमीन बिक्री, भू–माफियाओं पर नकेल, खरीद–फरोख्त से पहले पंचायत अनुमति अनिवार्य
शपथ से सीधे एक्शन, रौलाकोट प्रधान ने रोकी जमीन बिक्री, भू–माफियाओं पर नकेल, खरीद–फरोख्त से पहले पंचायत अनुमति अनिवार्य

टिहरी । विकासखंड प्रतापनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत रौलाकोट में नए ग्राम प्रधान अरविन्द प्रसाद नौटियाल ने पद संभालते ही एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत की पहली बैठक में ही यह तय किया गया कि गाँव की पुस्तेनी जमीन अब बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के बेची नहीं जा सकेगी। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर इसका स्वागत किया।
भू-माफियाओं पर लगेगी लगाम
ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों ने बताया कि टिहरी झील के किनारे बसे कई गांवों में भूमाफिया लंबे समय से बेबस ग्रामीणों की जमीनें औने-पौने दामों में खरीद रहे हैं। कुछ मामलों में सरकारी तंत्र से मिलीभगत कर फर्जी रजिस्ट्री एवं दाखिल-खारिज तक किए गए हैं। पहाड़ियों पर जेसीबी से अंधाधुंध कटान के कारण भू-स्खलन जैसी गंभीर आशंकाएं भी बढ़ी हैं। इसी स्थिति से चिंतित होकर रौलाकोट ने यह कदम उठाया है।
जमीन बेचने से पहले पंचायत को सूचना अनिवार्य
फैसले के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जमीन खरीद–फरोख्त से पूर्व दोनों पक्षों को पंचायत को सूचना देना आवश्यक होगा।
ग्राम प्रधान नौटियाल ने स्पष्ट कहा कि गाँव की जमीन और पहाड़ों की शांति हमारी धरोहर है अब बिना जानकारी और स्वीकृति के रौलाकोट में कोई जमीन नहीं बिकेगी।
पंचायत अपने अधिकारों के तहत हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
जरूरतमंदों की आर्थिक मदद कर जमीन बचाने की पहल
बैठक में यह भी तय हुआ कि यदि किसी ग्रामीण को मजबूरी में जमीन बेचनी पड़े तो पहले उसकी स्थिति गाँव के सामने रखी जाएगी, ताकि ग्रामवासी आर्थिक सहयोग कर उसकी भूमि को बिकने से बचा सकें। पंचायत का मानना है कि इसी तरह गांव पलायन से भी बच सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन सुरक्षित रह सकेगी।
ग्रामीण भारत की आत्मा गाँवों में
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है, इसलिए पुस्तेनी जमीन और संस्कृति की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आज भी देश की 65–70% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, ऐसे में गांवों का संरक्षण ही असल विकास है।
बैठक में ग्राम प्रधान अरविन्द प्रसाद नौटियाल कविता देवी, सविता देवी, पूनम देवी, रेखा देवी, मकानी देवी, गुड्डी देवी, ममता देवी, समरवीर सिंह, उत्तम धनाई, श्रीराम, जगमोहन सिंह, बसंत लाल, मस्तराम, धीरज सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज रतूड़ी ने भी बैठक में प्रतिभाग किया।


