चम्बा के दिगोठी गांव ने लिया ऐतिहासिक फैसला: अब शादी-ब्याह में नहीं परोसी जाएगी शराब
चम्बा के दिगोठी गांव ने लिया ऐतिहासिक फैसला: अब शादी-ब्याह में नहीं परोसी जाएगी शराब

चम्बा।विकासखंड चम्बा की ग्राम पंचायत दिगोठी ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा और प्रेरणादायक कदम उठाते हुए गांव को पूर्ण रूप से नशामुक्त बनाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। ग्राम प्रधान सोनम नेगी की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब गांव में होने वाले किसी भी शादी-विवाह या सामाजिक कार्यक्रम में शराब का सेवन और परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर ₹11,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने इस फैसले को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में मजबूत पहल बताया।
ग्राम प्रधान सोनम नेगी ने कहा कि गांव की असली पहचान उसके संस्कार, परंपराओं और सामाजिक एकता से होती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज बनाकर ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यह निर्णय जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त शुरुआत है।
इस अवसर पर “शराब नहीं संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्राम पंचायत के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज खुद बुराइयों के खिलाफ खड़ा होता है, तभी स्थायी परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल शराबबंदी तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों, पारिवारिक सम्मान और सकारात्मक सोच को पुनर्स्थापित करने का जनआंदोलन है।
सामाजिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए ग्राम समाज सुधार समिति का गठन भी किया गया। समिति में कमल सिंह को अध्यक्ष, मकानी देवी को उपाध्यक्ष, मदन नेगी को सचिव, गीता नेगी को सह-सचिव और दिनेश सिंह नेगी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा भगवान सिंह नेगी, आकाश सिंह नेगी, सरोजनी देवी, धूम सिंह नेगी, आषाढ़ सिंह और निर्मला देवी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
ग्रामीणों ने “शराब नहीं संस्कार” मुहिम को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लेते हुए गांव को पूर्ण नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। स्थानीय लोगों का मानना है कि दिगोठी गांव की यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगी।



