बड़ी खबर : प्रतापनगर में खूंखार भालू का आतंक,आज फिर भालू का हमला, चार घायल ग्रामीणों में दहशत
बड़ी खबर : प्रतापनगर में खूंखार भालू का आतंक,आज फिर भालू का हमला, चार घायल ग्रामीणों में दहशत

नई टिहरी/प्रतापनगर। प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों एक खूंखार भालू ने दहशत फैला रखी है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह नेगी ने इस गंभीर मामले को लेकर प्रमुख वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

पहले महिला पर हमला, अब चार ग्रामीण घायल
विधायक ने अपने पत्र में बताया कि विकासखंड थौलधार के ग्राम नकोट स्थित बदरीखाला के पास सुलियाधार क्षेत्र में करीब 15-20 दिन पहले भालू ने श्रीमती लक्ष्मी देवी पर हमला कर दिया था। इस हमले में उनकी दोनों आंखें गंभीर रूप से घायल हो गईं और वह अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
इसके बाद आज उसी स्थान पर भालू ने वन विभाग की टीम के साथ पहुंचे चार लोगों पर फिर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल और गहरा गया है।
ग्रामीणों पर अचानक हमला, बमुश्किल बची जान
जानकारी के अनुसार, चंबा-धरासू मोटर मार्ग के पास थापली तोक में भालू की गतिविधियों का पता लगाने पहुंचे ग्रामीणों और वनकर्मियों पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। ग्राम प्रधान युद्धवीर सिंह रावत, फारेस्टर अजयपाल पंवार और विनोद सिंह रावत ने काफी देर तक संघर्ष कर किसी तरह अपनी जान बचाई।
हमले में तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके शरीर पर भालू के नाखूनों के गहरे जख्म पाए गए। बाद में अन्य ग्रामीणों ने उन्हें कंधों और कंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाया।
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान ऋषि राम भट्ट ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डीएफओ टिहरी को पहले ही खतरे की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिना पर्याप्त सुरक्षा और हथियारों के टीम को मौके पर भेजा गया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों—जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सिंह राणा, भाजपा नेता भगवान सिंह राणा, राजेंद्र सिंह नेगी और दिनेश भंडारी—ने भी वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
विधायक ने दी चेतावनी
विधायक विक्रम सिंह नेगी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस खूंखार भालू को मारने या पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
स्थिति गंभीर: लगातार हो रहे हमलों से लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।



