विकास और ईमानदारी की मिसाल : टिहरी के इस गांव ने कर दिखाया कमाल, नई तकनीक से बन रहे मजबूत मार्ग
विकास और ईमानदारी की मिसाल : टिहरी के इस गांव ने कर दिखाया कमाल, नई तकनीक से बन रहे मजबूत मार्ग

टिहरी। कहते हैं कि किसी भी गांव की पहचान उसके रास्तों से होती है, और इसी कहावत को साकार कर रही है जाखणीधार विकासखंड की ग्राम पंचायत धारकोट। यहां विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM-G) के तहत गांव के मुख्य मार्गों का निर्माण नई तकनीक से किया जा रहा है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हाल ही में टिहरी भाजपा के जिला महामंत्री बलवंत सिंह रावत अपने गृह क्षेत्र भ्रमण पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों में जनसंपर्क किया और विकास कार्यों का जायजा लिया। ग्राम पंचायत धारकोट में चल रहे कार्यों को देखकर उन्होंने इसे अभिनव और सराहनीय पहल बताया।
नई तकनीक से तैयार हो रही टाइल्स
ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में गांव में स्थानीय संसाधनों—रोड़ी, डस्ट और जाली—का उपयोग कर विशेष टाइल्स तैयार की गई हैं। इन टाइल्स को गांव के मुख्य रास्तों पर बिछाया जा रहा है।
इस तकनीक की खास बात यह है की टाइल्स मजबूत और टिकाऊ हैं आवश्यकता पड़ने पर इन्हें हटाकर दूसरे स्थान पर भी लगाया जा सकता है कम लागत में बेहतर और साफ-सुथरा मार्ग तैयार हो रहा है अंडरग्राउंड नाली और चैंबर की व्यवस्था सिर्फ रास्ते ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए मार्ग के साथ अंडरग्राउंड नाली का निर्माण भी किया गया है। नाली के साथ चैंबर बनाए गए हैं, ताकि भविष्य में यदि नाली जाम हो तो आसानी से सफाई की जा सके।
इसके अतिरिक्त, रास्तों के किनारे रोड़ी, डस्ट और सीमेंट से बने पलंब (किनारी दीवार) लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य रास्ते पर आने वाली मिट्टी को रोकना और मार्ग को साफ-सुथरा बनाए रखना है।
विकास और ईमानदारी की मिसाल
ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह नेगी का यह प्रयास क्षेत्र में विकास और पारदर्शिता की नई मिसाल माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि VB-G RAM-G के तहत इस प्रकार का कार्य पहली बार देखने को मिला है, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
धारकोट में शुरू हुई यह पहल दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति और नवाचार हो, तो सीमित संसाधनों में भी गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।



