बड़ी खबर : छात्रों के संघर्ष के आगे झुकी सरकार! शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत: राकेश राणा
पूर्व जिलाध्यक्ष बोले—राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज़ को मजबूती से उठाया, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।

नई टिहरी, 25 जुलाई।
जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी राकेश राणा ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को देशभर के छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल छात्रों की नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की भी जीत है।
राकेश राणा ने कहा कि युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर लगातार छात्रों के मुद्दों को उठाया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने भी पूरे देश में छात्रों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन किए, जिनमें उत्तराखंड और नई टिहरी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
राणा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास और राजभवन की ओर मार्च के दौरान कांग्रेस सांसदों और राहुल गांधी के साथ सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार निंदनीय था। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आंदोलनरत छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और बल प्रयोग की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार का अवैध या अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही घायल छात्रों को समुचित उपचार और सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की।
राकेश राणा ने परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से हरसंभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी तथा केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।



