टिहरी जिला पंचायत सदन में बवाल: विकास योजनाओं को लेकर सदस्यों का हंगामा, बैठक का बहिष्कार
जिला योजना में भेदभाव का आरोप, महिला सदस्य की आवाज दबाने और PWD अधिकारियों के रवैये पर भी उठे सवाल

नई टिहरी। टिहरी जिला पंचायत सदन की शुक्रवार को आयोजित बैठक उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब कई जिला पंचायत सदस्यों ने जिला योजना में उनके क्षेत्रों की विकास योजनाओं को शामिल न किए जाने का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नाराज सदस्यों ने सदन से बाहर निकलकर सीढ़ियों पर धरना दिया, नारेबाजी की और बैठक का बहिष्कार कर दिया।
विरोध कर रहे सदस्यों का कहना था कि उनके द्वारा भेजे गए विकास प्रस्तावों को जिला योजना से बाहर रखा गया, जबकि कुछ चुनिंदा लोगों और कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी बताते हुए जिला योजना में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य कविता देवी ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र की योजनाओं को जानबूझकर दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लाखों रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जबकि उनके क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि ऐसे में जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
जिला पंचायत सदस्य अनुज शाह ने जिला योजना में “बंदरबांट” का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनके क्षेत्र के विकास कार्यों की अनदेखी जारी रही तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के रवैये की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि सदन में एक महिला सदस्य के साथ हुए व्यवहार की वे निंदा करते हैं।
वहीं जिला पंचायत सदस्य दर्शनी रावत ने आरोप लगाया कि सदन में उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने लोक निर्माण विभाग से पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों और कथित अनियमितताओं पर सवाल पूछे तो उन्हें “भाषणबाजी” करने की बात कहकर टोक दिया गया। उन्होंने इसे महिला जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कहा कि वे सदन में जनता की आवाज उठाने के लिए चुनी गई हैं।
हंगामे के बीच नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।



