Tehri Garhwal

नई टिहरी सी-ब्लॉक में बारिश के बाद खतरा, तीन परिवार सुरक्षित स्थानांतरित, सुरक्षा दीवार का निर्माण तेज

नई टिहरी सी-ब्लॉक में बारिश के बाद खतरा, तीन परिवार सुरक्षित स्थानांतरित, सुरक्षा दीवार का निर्माण तेज

नई टिहरी सी-ब्लॉक में एहतियातन तीन परिवार सुरक्षित स्थानांतरित, सुरक्षा दीवार का कार्य लोनिवि करेगा प्राथमिकता पर पूर्ण

प्रशासन की त्वरित एवं एहतियाती कार्रवाई से सुनिश्चित की गई जन-सुरक्षा

नई टिहरी स्थित सी-ब्लॉक, टाइप-3 आवासीय परिसर में निर्माणाधीन एक सुरक्षा दीवार के कार्य की धीमी प्रगति एवं 8-9 जुलाई की रात्रि हुई लगातार भारी वर्षा के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा एहतियातन आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। तहसीलदार, टिहरी की आख्या अनुसार सुरक्षा दीवार के ठीक ऊपर स्थित आवास संख्या 4, टाइप-3, सी-ब्लॉक के आंगन-चौक

का पुस्ता क्षतिग्रस्त पाया गया, जिसमें तीन परिवार निवासरत थे। 

जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल द्वारा आज सुबह मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया गया। एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता ने बताया कि आगामी मानसून के दृष्टिगत बढ़े खतरे को देखते हुए आवास संख्या 4/1, 4/3 एवं 4/4 (आवास 4/2 पूर्व सेरिक्त) में निवासरत परिवारों को तत्काल एहतियातन भवन-रिक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर स्थानान्तरित कर उनके अस्थायी आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संवेदनशील भवन पर खतरे का चिन्ह अंकित कर ढाल

को तिरपाल एवं बालू-थैलों से सुरक्षित किए जाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र को बैरिकेड कर 24 घण्टे निगरानी करें एवं पहुँच-नियंत्रण (एक्सेस कंट्रोल) सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा दीवार का शेष निर्माण कार्य अब लोक निर्माण विभाग, नई टिहरी द्वारा अनुमोदित डिजाइन के अनुसार प्राथमिकता पर तत्काल पूर्णकराया जा रहा है। निर्माण-व्यय संबंधित भूस्वामी द्वारा वहन किया जाएगा। कार्य में विलंब न हो, इस हेतु विभाग द्वारा धनराशि की प्रतीक्षा किए बिना ही कार्यप्रारम्भ करा दिया गया है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थल पर हुए अवैज्ञानिक उत्खनन से लोक जीवन एवं सुरक्षा

को उत्पन्न खतरे के संबंध में पुलिस को समुचित जांच कर विधि अनुसार स्वतंत्र कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें एवं प्रशासन के परामर्शों का पालन करें। दीवार का निर्माण पूर्ण होने एवं सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के उपरान्त प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर एडीएम शैलेंद्र नेगी, एसडीएम कमलेश मेहता, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी, खनन अधिकारी रवि, आपदा अधिकारी बृजेश भट्ट आदि संबंधित उपस्थित रहे।

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