Tehri Garhwalउत्तराखंड

टिहरी : मुखेम बाईपास मोटर मार्ग के एलाइनमेंट पर ग्रामीणों का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर डीएम से मिले प्रभावित

भूमि अधिग्रहण में अनियमितता, पक्षपातपूर्ण सर्वे और सरकारी धन के दुरुपयोग का लगाया आरोप

टिहरी। कंडियाल गांव–धंगड़गांव–पोखरी–मुखेम बाईपास मोटर मार्ग के कथित गलत एलाइनमेंट, किसानों की भूमि को बिना सहमति अधिग्रहित किए जाने और सड़क निर्माण में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुखेम ग्राम सभा के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों ने सड़क के सर्वेक्षण, एलाइनमेंट और निर्माण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर मार्ग का पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप कंडियाल गांव–धंगड़गांव–पोखरी–मुखेम बाईपास मोटर मार्ग का प्रस्ताव क्षेत्र के 13-14 गांवों की बेहतर आवाजाही और समग्र विकास के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों के निजी हितों को ध्यान में रखते हुए मूल एलाइनमेंट में बदलाव कर दिया गया, जिससे मार्ग अनावश्यक रूप से घुमावदार हो गया और कुछ क्षेत्रों को ही लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई किसानों की भूमि पर उनकी पूर्व सहमति और पर्याप्त सूचना के बिना सड़क कटान का कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ है। कुछ परिवारों के सामने भूमि-विहीन होने की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वर्तमान एलाइनमेंट तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे अधिकांश मोहल्लों को कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा। वहीं, दो पुलों के प्रस्ताव को भी ग्रामीणों ने सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए कहा कि यदि मार्ग का पुनर्संरेखन (री-अलाइनमेंट) किया जाए तो एक पुल के माध्यम से ही बेहतर आवागमन संभव है, जिससे सरकारी खर्च में भी बड़ी बचत होगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क के सर्वेक्षण और एलाइनमेंट की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, प्रभावित किसानों की आपत्तियों को सुनकर मार्ग का पुनर्मूल्यांकन किया जाए तथा सड़क को संस्कृत पाठशाला मुखेम से नगुड़ा-नामेथोक मार्ग से जोड़ने की संभावनाओं का तकनीकी परीक्षण कराया जाए। साथ ही मोटर मार्ग को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप “कंडियाल गांव–धंगड़गांव–पोखरी–मुखेम बाईपास मोटर मार्ग” के रूप में विकसित करने की मांग भी उठाई गई।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल अधीक्षण अभियंता, टिहरी से भी मिला। अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

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