टिहरी : बादशाहीथौल में योगमय हुआ विश्वविद्यालय परिसर, कर्मचारियों ने किया योगाभ्यास
अधिकारियों-कर्मचारियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प

बादशाहीथौल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय मुख्यालय, बादशाहीथौल में योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया तथा योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश से पधारे योग विभागाध्यक्ष एवं योगाचार्य डॉ. जय प्रकाश कंसवाल ने किया। उन्होंने योग के महत्व, उसकी वैज्ञानिक उपयोगिता तथा दैनिक जीवन में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन एवं शवासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी एवं नाड़ी शोधन प्राणायाम भी कराया गया।
डॉ. कंसवाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली समग्र जीवन पद्धति है। नियमित योगाभ्यास तनाव, चिंता और जीवनशैली जनित रोगों से बचाव में सहायक होने के साथ-साथ कार्यक्षमता, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है।
कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग की वैश्विक महत्ता को रेखांकित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे व्यापक वैश्विक समर्थन मिला। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की।
योग सत्र के दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा अपने दैनिक जीवन में नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



