टिहरी : उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने किया श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का निरीक्षण, विकास कार्यों की सराहना
टिहरी : उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने किया श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का निरीक्षण, विकास कार्यों की सराहना

टिहरी। डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय मुख्यालय का विस्तृत निरीक्षण कर विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों एवं शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ब्रीडकुल द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को देखा और उनकी गुणवत्ता तथा प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
इस अवसर पर मंत्री ने विश्वविद्यालय में संचालित बीसीए कक्षाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है और विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें तकनीकी शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने में विश्वविद्यालय प्रभावी कार्य कर रहा है।
इस दौरान मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी द्वारा विश्वविद्यालय के विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय पर लिखी अपनी पुस्तक उच्च शिक्षा मंत्री को भेंट की। मंत्री ने पुस्तक का अवलोकन करते हुए इसे वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक प्रयास विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।



