कैग रिपोर्ट में खुलासा: देवप्रयाग के बाद गंगा का पानी पीने योग्य नहीं, नमामि गंगे योजना पर उठे सवाल
कैग रिपोर्ट में खुलासा: देवप्रयाग के बाद गंगा का पानी पीने योग्य नहीं, नमामि गंगे योजना पर उठे सवाल

टिहरी । Comptroller and Auditor General of India (कैग) की हालिया रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि देवप्रयाग के बाद गंगा नदी का जल पीने योग्य नहीं रह गया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद गंगा की स्वच्छता को लेकर सरकार के दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश राणा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। यदि गंगा का जल ही प्रदूषित हो रहा है तो यह पर्यावरण के साथ-साथ देश की आस्था के लिए भी बड़ा खतरा है।
राकेश राणा ने कहा कि सरकार गंगा की सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत दिखाई दे रही है। कैग की रिपोर्ट ने इन दावों की पोल खोल दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और धन के दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ गई है।
राणा ने यह भी कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों का भी सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो गंगा की पवित्रता और स्वच्छता दोनों पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और गंगा की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि देश की आस्था और पर्यावरण दोनों की रक्षा की जा सके।



