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पेंशन बंद होने से बढ़ा आक्रोश, सीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

पेंशन बंद होने से बढ़ा आक्रोश, सीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

टिहरी। सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज से नियमित हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर रोक लगाए जाने के शासनादेश को लेकर पेंशनरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पूर्व कर्मचारी नेता योगेन्द्र सिंह नेगी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर 16 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश को निरस्त करने और पेंशन बहाल करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में नेगी ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 2 सितंबर 2019 को दिए गए निर्णय के आधार पर राज्य सरकार ने 4 फरवरी 2020 को शासनादेश जारी कर वर्कचार्ज सेवा को जोड़ते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ प्रदान किया था। इस आदेश के तहत कई कर्मचारियों को नियमित पेंशन और पारिवारिक पेंशन मिल रही थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि 16 जनवरी 2026 को जारी नए शासनादेश के माध्यम से अचानक पेंशन भुगतान पर रोक लगा दी गई, जिससे पेंशनरों और उनके परिवारों में भारी आक्रोश है। नेगी ने कहा कि 24 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शेष कर्मचारियों को भी पिछली सेवा जोड़कर पेंशन देने का निर्णय लिया गया था और इसकी जानकारी सचिव स्तर से सार्वजनिक भी की गई थी।

इसके बावजूद इसके विपरीत आदेश जारी कर पहले से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनधारकों की पेंशन भी रोक दी गई, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि शासनादेश में वर्ष 2023 के एक अन्य न्यायिक निर्णय को आधार बनाया गया है, जबकि 2019 का निर्णय तीन न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिया गया था, जो अधिक प्रभावी माना जाता है।

नेगी के अनुसार, कई पेंशनरों को नैनीताल उच्च न्यायालय से शासनादेश के खिलाफ स्थगनादेश भी मिल चुका है, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में 16 जनवरी 2026 के शासनादेश को निरस्त कर वर्कचार्ज से नियमित हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन तत्काल बहाल करने की मांग की है।

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