पुनर्वास विभाग पर फ़ाइल लटकाने का आरोप, पीड़ित भानु प्रकाश ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
भूमि आवंटन में लापरवाही का आरोप; प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने की तैयारी

टिहरी: टिहरी बांध से प्रभावित मरोड़ा गांव के निवासी भानु प्रकाश ने पुनर्वास विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विभागीय लापरवाही के कारण उनका भूमि आवंटन वर्षों से अटका हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल के जनता दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और जल्द समाधान की मांग की।
भानु प्रकाश का आरोप है कि टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग की गलती से सर्वे रिकॉर्ड में उनका नाम “भानु प्रकाश” की जगह “भानु प्रसाद” दर्ज हो गया है। नाम संशोधन के लिए उन्होंने कई बार आवेदन पत्र, शपथ पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा किए, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
पीड़ित ने बताया कि मालीदेवल स्थित उनकी सिंचित भूमि को बांध परियोजना के लिए अधिग्रहित किया गया था। परिवार में पांच भाइयों में से चार को भूमि आवंटित हो चुकी है, जबकि उनके हिस्से की जमीन अब तक नहीं मिली। उन्होंने कहा कि नौकरी के कारण अक्सर गांव से बाहर रहने के चलते मामला और अधिक उलझ गया। अन्य ग्रामीणों और उनके भाइयों को गोरण गांव तोक में जमीन मिल चुकी है, लेकिन उन्हें पिछले कई महीनों से पुनर्वास विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
भानु प्रकाश ने पुनर्वास विभाग के तीन कर्मचारियों पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना लेनदेन के कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने मांग की कि विभाग में कार्यरत टीएचडीसी अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए और उनकी आय से अधिक संपत्ति की गहन जांच कराई जाए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर टीएचडीसी के शीर्ष अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं, जबकि सेवा नियमावली में स्पष्ट है कि किसी भी कर्मचारी को लंबे समय तक एक जगह तैनात नहीं रखा जाना चाहिए। भानु प्रकाश का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पीड़ित ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
फिलहाल, भानु प्रकाश को जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की उम्मीद है।


